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उत्तरप्रदेश के बांदा की गौशालाओं में व्यवस्थाएं बदहाली की कहानी कह रही है. मुख्यमंत्री योगी के पिछले दौरे में इसकी पोल भी खुली थी, "जब योगी ने एक गाय को गुड़ खिलाना चाहा तो उसने मुंह फेर लिया था, इसपर खुद मुख्यमंत्री ने कहा था - कभी खिलाया होता तो जरूर खाती". सरकार का समय भी पूरा होने वाला है, और चुनाव भी कुछ महीनो में होने वाले हैं, लेकिन गौशालाओं का हाल जस के तस है.
उत्तरप्रदेश के बांदा में डीएम अनुराग पटेल ने आज नरैनी तहसील के ग्राम रगौली भटपुरा गांव में बने गौ संरक्षण केंद्र का औचक निरीक्षण किया. जिलाधिकारी कार्यालय से जारी प्रेसनोट के मुताबिक यहां व्यवस्थाएं बिल्कुल चाक चौबंद मिलीं. भूसा, गुड़, चोकर और नमक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिला. शायद योगी जी जैसे डीएम साहब भी एक बार खिला के देख लेते तो पूरी सच्चाई सामने आ जाती. इन गौवंशों की तस्वीरें खुद बयां कर रही हैं.
निरीक्षण के समय डीएम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से ईयर टैगिंग और अभी तक आवंटित धनराशि व पशु दवाखाना खोले जाने का ब्यौरा मांगा, जिस पर वो जवाब नहीं दे सके. इसके बाद जवाब ऐसा दिया कि जिलाधिकारी एकाएक भड़क गए और उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) सतपाल सिंह की क्लास लगा दी. साथ ही उनका एक माह का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया और स्पष्टीकरण के साथ कार्यवाही के निर्देश दिए हैं. इसके बाद उन्होंने जिले की सभी गौ संरक्षण केंद्रों का ब्यौरा 24 घंटे में तलब किया है.
गौ संरक्षण केंद्र में प्रेस नोट के मुताबिक 484 गौवंश सुरक्षित हैं. डीएम ने गौशाला संचालक को साफ सफाई और गौ वंशो का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हेतु निर्देश दिए हैं.
(रिपोर्ट- सिद्धार्थ गुप्ता)