Advertisement

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पीपीई मॉडल से बनेंगे तीन नए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट

ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तीन नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है. ये तीन एसटीपी सेक्टर 1, नॉलेज पार्क 5 और सेक्टर टेक जोन में बनाए जाएंगे.

ऑनलाइन समीक्षा बैठक ऑनलाइन समीक्षा बैठक
तनसीम हैदर
  • ग्रेटर नोएडा,
  • 23 मई 2021,
  • अपडेटेड 10:28 AM IST
  • ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शुरू किया प्रोजेक्ट 
  • सीवर समस्या के निदान को सलाहकार नियुक्त

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गौतम बुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तमाम बिल्डरों ने गगनचुंबी इमारतें खड़ी कर दीं. एक बड़ा शहर बसा दिया गया लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज भी यहां सुविधाओं के नाम पर लोग काफी परेशानियों का सामना कर रहे हैं. कहीं पानी की समस्या तो कहीं लाइट की तो कहीं सीवर की. सीवर की समस्या कई इलाकों में आने लगी थी.

Advertisement

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सीवर की बढ़ती हुई समस्या और साफ-सफाई को देखते हुए ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तीन नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है. ये तीन एसटीपी सेक्टर 1, नॉलेज पार्क 5 और सेक्टर टेक जोन में बनाए जाएंगे. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ये एसटीपी पीपीई मॉडल की तर्ज पर तैयार करेगा.

सेक्टर- 1 में बनने वाले एसटीपी के लिए 15 दिन में टेंडर जारी होना है. वहीं, प्राधिकरण ने शहर के सेक्टर और मुख्य लाइन के 17418 मेन होल्स के प्लग तोड़कर सफाई कराई है. इससे भी सीवर समस्या का काफी हद तक समाधान हुआ है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने ऑनलाइन सीवर विभाग की समीक्षा बैठक की. इस बैठक में एसीईओ दीप चंद्र, जीएम वित्त एचपी वर्मा, जीएम परियोजना एके अरोड़ा, कपिल देव, प्रभात शंकर आदि शामिल हुए.

Advertisement

सीवर समस्या के समाधान के लिए सलाहकार भी नियुक्त किया गया है. इन सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन प्राधिकरण मुहैया कराएगा. इसमें गंगा रिवर बेसिन मैनेजमेंट और स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को पूरा किया जाएगा. बारिश की शुरुआत होते ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने मेन होल तोड़कर सफाई करवाई है. मुख्य सीवर लाइन में 2331 मेन होल्स हैं. अभी 1872 मेन होल्स पर काम करना है. सीवर विभाग ने शहर के कई सेक्टरों एवं गांवों में 1200 मेन होल को ऊंचा किया है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि बाकी बचा हुआ काम भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा.

हैरानी की बात तो यह है कि शहर के कई सेक्टर सीवर लाइन से जुड़े ही नहीं हैं. ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के वे इलाके जो अब तक मुख्य सीवर लाइन से नहीं जुड़े थे, उनको प्राथमिकता दी जा रही है. इनमें मुख्य रूप से विप्रो, प्राधिकरण कार्यालय और मुख्य सड़क को मेन सीवर लाइन से जोड़ा जा चुका है. गौरतलब है कि इस समय ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से निवासियों को अंतराष्ट्रीय स्तर की आधारभूत सुविधाओं के साथ ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की सीवर सफाई के लिए आधुनिक तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है.

Advertisement

सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा के लिहाज से प्राधिकरण की ओर से सीवर सफाई के लिए रोबोट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है. सीवर सफाई व्यवस्था को और आधुनिक और प्रोफेशनल करने के लिए एक जेटिंग मशीन का उपयोग भी शुरू कर दिया है.

सीवर विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि करीब दो साल पहले तक सीवर की समस्या के लिए करीब 40 से 50 शिकायतें हर रोज उनके हेल्प लाइन नंबर पर आ रही थीं. ये घटकर अब 8 से 10 शिकायतें हर रोज रह गई है. शिकायतों के समाधान के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कंट्रोल रूम की स्थापना भी कर दी है. ग्रेटर नोएडा ईस्ट के निवासी सीवर की समस्याओं के लिए 8595810523, 8595814470 पर दर्ज करा सकते हैं. ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी सीवर की समस्याओं के लिए 8595817954, 8595818545 पर दर्ज करा सकते हैं.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement