
उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच प्रदेश का सियासी पारा गर्म हो रहा है. मुद्दा है राज्य में अवैध खनन पर सीबीआई के छापे. सीबीआई छापों की ये आंच जब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक पहुंची तो वे सामने आए और कहा कि सीबीआई की आड़ लेकर बीजेपी उन्हें बीएसपी के साथ गठबंधन से रोकना चाहती है. अखिलेश के जवाब के बाद बारी बीजेपी की थी. यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह सामने आए और कहा कि सीबीआई के एक्शन के बाद लुटेरे छाती पीट रहे हैं. सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा, "अखिलेश जी आप खजाना लूट कर छाती नहीं पीट सकते हैं, आपने लोगों को लूटा है और कानून अपना काम कर रहा है. 2016 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया और इसे सीबीआई को सौंप दिया. सीबीआई चुनाव का गठबंधन का ध्यान में रखकर काम नहीं करती है."
अखिलेश ने रविवार को कहा कि वह बीएसपी के साथ मिलकर अपना गणित ठीक कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा सीटें जीते लेकिन जिन्हें हमें रोकना है उनके पास क्या है उनके पास सीबीआई है. अखिलेश ने कहा था कि अगर सीबीआई उनसे पूछताछ करेगी तो वे जवाब देंगे. अखिलेश ने कहा कि उन्हें खुशी है कि बीजेपी ने अपना रंग दिखा दिया है.
अखिलेश के आरोपों पर सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि सपा सरकार ने खनन माफिया को फलने-फूलने दिया, और इसके मुखिया खुद अखिलेश रहे. सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि अखिलेश सिंह खुद 2012 से 13 के बीच खनन मंत्री थे. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में ई-टेंडर के नियमों का उल्लंघन किया गया.
अखिलेश के बयान पर कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया दी है. वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सीबीआई के छापे की उम्मीद उन्हें पहले से ही थी. सिब्बल ने कहा, "जैसे ही एसपी-बीएसपी के बीच गठबंधन की खबरें आईं, अखिलेश के खिलाफ छापे शुरू हो गए, इसकी पहले से ही उम्मीद थी. उनके (बीजेपी) के खिलाफ जो कोई बोलता है. छापे पड़ जाते हैं. ये सरकार इसी तरह चल रही है."