
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग ने निदा खान के खिलाफ फतवा देने वालों की गिरफ्तारी नहीं होने पर उनकी संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया है. यह आदेश बरेली के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिया गया है.
आयोग के अध्यक्ष तनवीर हैदर उस्मानी ने आज कहा कि 'मैने डीएम और एसएसपी से कहा है कि अगर फतवा देने वाले अभियुक्तों की गिरफ्तारी न हुई हो तो उनकी संपत्ति को कुर्क कर लिया जायें. अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह इस बारे में अपनी विस्तृत रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें.'
गौरतलब है कि बरेली में 16 जुलाई को हलाला, तीन तलाक और बहुविवाह के खिलाफ आवाज उठाने वाली आला हजरत खानदान की पूर्व बहू निदा खान के खिलाफ फतवा जारी किया गया था. शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने दरगाह आला हजरत परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि दरगाह के दारुल इफ्ता विभाग ने निदा के खिलाफ फतवा जारी किया है.
उन्होंने दावा किया था कि मुफ्ती अफजाल रजवी के दस्तखत से जारी फतवे में कहा गया है कि निदा अल्लाह और उसके बनाये हुए कानून की मुखालफत कर रही हैं, लिहाजा उनका 'हुक्का-पानी' बन्द कर दिया गया है. निदा की मदद करने वाले और उससे मिलने-जुलने वाले मुसलमानों को भी इस्लाम से खारिज किया जाएगा.
कब्रिस्तान में दफनाने पर भी रोक
मुफ्ती आलम ने बताया कि फतवे के मुताबिक निदा अगर बीमार हो जाती है तो उसको दवा भी नहीं दी जाएगी. निदा की मौत पर जनाजे की नमाज पढ़ने पर भी रोक लगा दी गई है. इतना ही नहीं निदा की मृत्यु होने पर उसे कब्रिस्तान में दफनाने पर भी रोक लगा दी गयी है.
'फतवा जारी करने वाले पाकिस्तान चले जाएं'
इस बीच, निदा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया था. उन्होंने कहा कि फतवा जारी करने वाले पाकिस्तान चले जाएं. हिन्दुस्तान एक लोकतांत्रिक देश है. यहां दो कानून नहीं चलेंगे. किसी मुस्लिम को इस्लाम से खारिज करने की हैसियत किसी की नहीं है. सिर्फ अल्लाह ही गुनहगार और बेगुनाह का फैसला कर सकता है.
मालूम हो कि निदा की शादी आला हजरत खानदान के उस्मान रजा खां उर्फ अंजुम मियां के बेटे शीरान रजा खां से 16 जुलाई 2015 को शादी हुई थी मगर बाद में पांच फरवरी 2016 को उनका तलाक हो गया था. उसके बाद निदा ने अदालत का सहारा लिया है. निदा अन्य तलाकशुदा महिलाओं के लिये भी आंदोलन कर रही हैं. उन्होंने तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह जैसी प्रथाओं के खिलाफ भी अभियान छेड़ रखा है. इसके बाद 20 जुलाई को निदा की सुरक्षा बढा दी गयी थी.