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धर्मांतरण मामले में CM योगी सख्त, दोषियों पर लगेगा NSA, संपत्ति भी होगी जब्त

उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण रैकेट के खुलासे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है. सीएम ने दोषियों पर एनएसए के तहत एक्शन लेने को कहा है, साथ ही संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया गया है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दिया सख्त एक्शन का निर्देश (फोटो: PTI) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दिया सख्त एक्शन का निर्देश (फोटो: PTI)
कुमार अभिषेक
  • लखनऊ,
  • 22 जून 2021,
  • अपडेटेड 11:11 AM IST
  • नोएडा धर्मांतरण मामले में यूपी सरकार का एक्शन
  • दोषियों पर एनएसए, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के नोएडा में धर्मांतरण को लेकर हुए खुलासे के बाद प्रदेश की सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा निर्देश दिया गया है कि एजेंसियां इस मामले की तह में जाएं, जो भी इसमें शामिल हैं उनपर कड़ा एक्शन लिया जाए.

इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि दोषियों पर नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) लगाया जाए, साथ ही गैंगस्टर एक्ट के तहत एक्शन लिया जाए. जो भी धर्मांतरण मामले में आरोपी हैं उनकी संपत्ति जब्त करने का भी निर्देश दिया गया है. 

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क्या है पूरा मामला ?
आपको बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक धर्मांतरण रैकेट का भांडाफोड़ हुआ है. नोएडा पुलिस को लंबे वक्त से इसकी शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद एटीएस की मदद से इस मामले में एक्शन लिया गया. यूपी एटीएस ने इस मामले में आरोपी मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी को गिरफ्तार किया. 

पुलिस सूत्रों को इस मामले में विदेशी फंडिंग और कई लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है. पुलिस के मुताबिक, ये लोग मूक-बाधिर बच्चों को धर्मांतरण का शिकार बनाते थे, साथ महिलाओं को भी लालच देकर धर्मांतरण करवाया जाता था. 

गौरतलब है कि अब धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी और मोहम्मद उमर गौतम की कस्टणडी रिमांड पर अदालत में मंगलवार को सुनवाई होगी.

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इसके पहले सोमवार को दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच लखनऊ में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यवीर सिंह की कोर्ट में पेश किया गया था. कोर्ट ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में तीन जुलाई तक के लिए जेल भेज दिया था, पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए एटीएस के विवेचक के प्रार्थना पत्र पर अदालत सुनवाई करेगी.

 

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