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वाराणसी में गंगा मचा रही है कहर, साड़ी बुनकरों के घरों में घुसा पानी

वाराणसी के बुनकरों को बाढ़ की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी और नुकसान हुआ है. जिन इलाकों में सबसे घनी बस्ती बुनकरों की है उसमें नक्खी घाट, रमना, डाफी और मारुति नगर शामिल है.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:12 PM IST

  • बुनकरों की मशीनों में भरा पानी
  • नहीं पंहुची अबतक कोई मदद
  • हैंडलूम और पावर लूम पड़े बन्द

वाराणसी में गंगा का कहर जारी है. वाराणसी में गंगा का पानी अभी भी बढ़ रहा है. खास बात यह है कि पानी अभी भी बढ़ाव पर है यह पानी बुनकरों के घरों में घुस गया है. बताया जा रहा हा कि बुनकरों के घरों में पिछले एक हफ्ते से पानी भरा हुआ है. हैंडलूम और पावर लूम बन्द पड़े हैं क्योंकि मशीन के नीचे पानी भर गया है इसलिए मशीन बन्द पड़ी है.

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गौरतलब है कि बुनकरों के इलाकों में अगर पानी निकल जाए फिर भी इन मशीनों को शुरू होने के लिए लगभग एक महीने का समय लगेगा. जानकारी के मुताबिक आमतौर पर ये मशीनें थोड़ी गड्ढे में लगाई जाती हैं ताकि उसपर बैठ कर उसे चलाया जा सके और अगर गड्ढे में पानी भर जाएगा तो उसे निकलने और सूखने में कई दिन लगेंगे. गड्ढों का पानी सूखने के बाद भी मशीनों को फिर से रिपेयर किया जाएगा तब जाकर कहीं करघे शुरू होंगे.

सूत्रों की माने तो वाराणसी के बुनकरों को बाढ़ की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी और नुकसान हुआ है. जिन इलाकों में सबसे घनी बस्ती बुनकरों की है उसमें नक्खी घाट, रमना, डाफी और मारुति नगर शामिल है. इन इलाकों में बुनकर बस्ती के अलावा भी कई लोग हैं जिन्हें घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा है. जहां तक सरकारी मदद की बात है तो हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में आये थे और बाढ़ ग्रस्त इलाके का निरीक्षण भी किया लेकिन इन बुनकर बस्तियों की तरफ कोई जाने को तैयार नहीं है.

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