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कुंभ मेला 2021 के लिए केंद्र सरकार ने जारी की SOP, इन लोगों की एंट्री पर लगी रोक 

हरिद्वार में कुंभ मेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. कोरोना महामारी के बीच इतने बड़े आयोजन को लेकर केंद्र सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है. यही कारण है कि कुंभ मेले के आयोजन को लेकर केंद्र सरकार ने एसओपी जारी कर दी है.  

कुंभ मेला (फाइल फोटो) कुंभ मेला (फाइल फोटो)
दिलीप सिंह राठौड़
  • हरिद्वार,
  • 24 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 6:52 PM IST
  • केंद्र सरकार को कोरोना फैलने का सता रहा डर 
  • वैक्सीनेशन के बाद ड्यूटी पर लगें हेल्थ वर्कर 
  • बुजुर्गों और 10 साल से छोटे बच्चों को एंट्री नहीं

कुंभ मेला 2021 का आयोजन उस दौर में होने जा रहा है, जब पूरा देश ही नहीं, बल्कि दुनिया कोरोना जैसी भयानक महामारी से जूझ रही है. हरिद्वार में कुंभ मेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. 12 वर्ष बाद होने जा रहे कुंभ स्नान को लेकर देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु आते हैं.

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या कहीं से कोरोना फैलने का खतरा न बढ़ जाये, इसके लिए केंद्र सरकार ने एसओपी जारी कर दी है. इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार को जिम्मेदारी दी है कि किसी भी हालत में इस आयोजन की वजह से कोरोना नहीं फैलना चाहिये.

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कुंभ मेले में भारी भीड़ उमड़ेगी. माना जा रहा है कि इस मेले की वजह से कोरोना वायरस के मामले बढ़ सकते हैं. इसके लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को अतिरिक्त व्यवस्था करने के लिए कहा है. साफ कहा गया है कि गृह मंत्रालय के आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाए. निर्देश दिया गया है कि जितने भी हेल्थ वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर कुंभ मेले के दौरान काम करेंगे, उनका वैक्सीनेशन पूरी तरीके से कर लिया जाए. इसके साथ ही ये भी सुनिश्चत कर लिया जाये, कि जिनका वैक्सीनेशन हो चुका है, उन्हें ही कुंभ मेले में ड्यूटी के लिए लगाया जाए. 

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केंद्र सरकार की गाइडलाइन के तहत उत्तराखंड सरकार इस बात का भी पूरा ध्यान रखेगी कि जो भी श्रद्धालु आ रहे हैं, उनका रजिस्ट्रेशन हो और मेडिकल सर्टिफिकेट भी उनसे लिए जाएं. वहीं इस बात के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि उत्तराखंड सरकार इस बात के निर्देश सभी राज्यों को भेज दे कि 65 साल से ऊपर की उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को कुंभ मेले में ना भेजा जाए. इसके अलावा गंभीर किस्म की बीमारियों से प्रभावित लोगों को भी कुंभ मेले में आने के लिए मनाही हो.

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वहीं यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जो भी श्रद्धालु कुंभ मेले में आ रहे हैं अगर वह अपना मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं लाएंगे, तो उनको कुंभ मेले में एंट्री नहीं दी जाए. जो कर्मचारी हायर रिस्क में हैं, उनमें बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और जो बीमार कर्मचारी हैं उनको अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए जाएं और उन्हें फ्रंट लाइन में काम नहीं करने दिया जाए.

 

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