
उत्तराखंड के चंपावत जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बलों ने एक चीनी महिला को पकड़ा है, जो बिना वीजा के भारत में एंट्री कर रही थी. वह खुद को ‘सन्यासिनी’ बताकर सीमा पार कर रही थी, लेकिन जब जांच-पड़ताल की गई तो उसकी असलियत सामने आ गई. पूछताछ के बाद उसे वापस नेपाल भेज दिया गया है.
एजेंसी के अनुसार, चंपावत के पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने बताया कि बुधवार तड़के करीब 2 बजे सशस्त्र सीमा बल (SSB) की टीम ने नेपाल सीमा पर इस महिला को संदिग्ध अवस्था में देखा. जब सुरक्षाकर्मियों ने उससे पूछताछ की तो वह सही जवाब नहीं दे पाई.
यह भी पढ़ें: मोबाइल-लैपटॉप के पासवर्ड से लेकर कड़े सवाल तक, अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारी घुसपैठियों की कैसे कर रहे छंटनी?
महिला के पास मिले पासपोर्ट से उसकी पहचान 30 वर्षीय यांग कियूहान के रूप में हुई, जो चीन की नागरिक है. दिलचस्प बात यह थी कि उसने सिर पर ‘ओम नमः शिवाय’ लिखा हुआ साफा बांध रखा था, गले में रुद्राक्ष की माला पहनी थी और सफेद धोती पहनी हुई थी, जिससे वह एक साध्वी जैसी दिख रही थी.
प्रारंभिक जांच के बाद महिला को कानूनी प्रक्रियाओं के तहत भारतीय इमिग्रेशन विभाग को सौंप दिया गया, जहां से उसे नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के हवाले कर दिया गया.
SSB की 57वीं बटालियन के कमांडेंट मनोहर लाल ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जाती है, ताकि किसी भी संदिग्ध या अवांछनीय तत्व का प्रवेश रोका जा सके. सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते चीनी लड़की को पकड़कर जांच की गई और पूछताछ के बाद उसे वापस भेज दिया गया है.