
उत्तराखंड के टिहरी जिले में दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां ठंड से बचने के लिए कपल ने अंगीठी जलाई और कमरे में रखकर सो गए. इससे दम घुटने से दोनों की मौत हो गई. सुबह जब परिजन जगाने पहुंचे तो गेट नहीं खुला. इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया तो देखा कि दोनों की मौत हो चुकी है. इस घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई. परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया.
एजेंसी के अनुसार, यह घटना गुरुवार रात को भिलंगना क्षेत्र के द्वारी-थापला गांव में हुई. द्वारी-थापला गांव की प्रशासक रिंकी देवी ने बताया कि 52 साल के मदन मोहन सेमवाल और उनकी पत्नी 48 वर्षीय यशोदा देवी एक शादी समारोह में शामिल होने गांव आए थे. उन्होंने रात में करीब 11 बजे ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाई और उसे अपने कमरे के अंदर ले गए. मदन मोहन सेमवाल कमरे का दरवाजा बंद करके सो गए.
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इसके बाद शुक्रवार की सुबह उनका बेटा उन्हें जगाने गया, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला. काफी देर तक आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इस पर स्थानीय लोग मौके पर आ गए. लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और अंदर देखा तो दंपति बिस्तर पर मृत पड़े थे. पति-पत्नी की मौत की घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया.
अधिकारियों का कहना है कि चिमनी के धुएं से पैदा हुई कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण दोनों का दम घुट गया. हालांकि, स्थानीय लोगों ने इस घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी. दंपति के बेटे और बेटी से बात करने के बाद शवों का अंतिम संस्कार घाट पर कर दिया. ग्राम प्रशासक ने बताया कि सेमवाल राजकीय इंटर कॉलेज में क्लर्क के पद पर थे.