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नैनीतालः सड़क पर पानी का तेज बहाव, सेना ने दुकान में फंसे लोगों का किया रेस्क्यू, देखें VIDEO

वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह सेना के जवान मानव श्रृंखला बनाकर एक दुकान में फंसे कई लोगों को बाहर सुरक्षित निकाल रहे हैं. जवानों को बचाने के लिए उनके पीछे भी कुछ लोग खड़े थे.

नैनीताल में फंसे लोगों का रेस्क्यू करते जवान (वीडियो ग्रैब) नैनीताल में फंसे लोगों का रेस्क्यू करते जवान (वीडियो ग्रैब)
  • भवाली और हल्द्वानी मार्गों की तरफ तेज धार में बहता रहा पानी
  • पिछले 14 घंटों से फंसे हुए थे 30 लोग, सेना ने उन्हें बाहर निकाला
  • रामनगर स्थित रिजॉर्ट से 200 पर्यटकों को सुरक्षित बचाया गया

उत्तराखंड में भारी बारिश की वहज से नैनीताल में कई जगहों की स्थिति भयावह हो गई है. नैनीताल के रामगढ़ क्षेत्र में कई मजदूरों के मरने की खबर है. इस बीच नैनीताल झील ओवरफ्लो होकर भवाली और हल्द्वानी दोनों मार्गों की तरफ तेज धार के रूप में बह रही है. इन मार्गों पर फंसे लोगों को निकालने में सेना को खासी मशक्कत करनी पड़ी.

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भारी बारिश की वजह से नैनीताल झील ओवरफ्लो होकर भवाली और हल्द्वानी दोनों मार्गों की तरफ तेज धार में नदी की तरह बह रही थी. हालात ये हो गए थे कि कैंट की तरफ जो दुकानें भवाली रोड पर थीं वहां 25 से 30 लोग पिछले 14 घंटों से फंसे हुए थे. उन्हें सेना की मदद से बाहर निकला गया.

सेना के लिए उन्हें सुरक्षित निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था. वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह सेना के जवान मानव श्रृंखला बनाकर एक दुकान में फंसे कई लोगों को बाहर सुरक्षित निकाल रहे हैं. लोगों को बाहर निकालने के दौरान तेज धार में लगातार पानी भी बह रहा है.

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रिजॉर्ट से 200 पर्यटकों का रेस्क्यू

तेज गति में बहती धार के बीच लोगों को निकालना कठिन था. सेना के जवान वहां फंसे लोगों को कंधे पर टांगकर ले जा रहे हैं. 

अल्मोड़ा पुलिस ने बताया कि नैनीताल के रामनगर स्थित लेमन ट्री रिजॉर्ट से 200 पर्यटकों को सुरक्षित बचाया गया है. एसएसपी अल्मोड़ा पंकज भट्ट स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. लेमन ट्री रिजॉर्ट नैनीताल-अल्मोड़ा सीमा पर नैनीताल की ओर स्थित है.

इस बीच नैनीताल के रामगढ़ क्षेत्र में भारी बरसात के बाद भूस्खलन हुआ, जिसकी वजह से 9 मजदूरों के दबने की खबर आई थी. इनमें से 5 के शव निकाल लिए गए. हालांकि बताया गया था कि रामगढ़ से 6 किलोमीटर दूर सकुना क्षेत्र में काम कर रहे 10 में से 9 मजदूर मलबे के नीचे दब गए थे. ऐसा कहा जा रहा है कि रात को भूस्खलन की चपेट में आने से मकान की दीवार गिर गई जिसमें ये मजदूर दब गए थे.

 

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