
उत्तराखंड में जोशीमठ के सिंहधार वार्ड में भू-धंसाव के कारण मकान टूटने लगे हैं. घरों में दरारों और भू-धंसाव का सिलसिला बढ़ता जा रहा है. सिंहधार वार्ड में मंदिर टूटने के साथ ही मकानों की स्थिति हर दिन खराब होती जा रही है. एक घर का आंगन 2 से 3 फीट नीचे धंस चुका है. वहीं मकान की छत टूट रही है. इतना ही नहीं कई मकानों के अंदर मलबा इकट्ठा हो गया है.
बढ़ते देखे जा रहे हैं भू-धंसाव के मामले
सिंहधार वार्ड में 1 महीने पहले तस्वीर कुछ और थी. लेकिन अब यहां दरारों और भू-धंसाव के नए मामले तेजी से बढ़ते देखे जा रहे हैं. मकानों की स्थिति खराब होती जा रही है. कई मकान पूरी तरह से तिरछे हो चुके हैं. जो कि कभी भी गिर सकते हैं.
कभी भी गिर सकता है ये बाथरूम
इस तस्वीर में आप देख सकते हैं किस तरह ये बाथरूम झुक गया है, जो कि कभी भी गिर सकता है. इसके पास ही लोहे की रेलिंग भी टूट गई है. इतना ही नहीं इसके आसपास की जमीन भी धंस गई है.
कभी भी गिर सकता है ये मकान
तस्वीर में दिख रहे इस मकान की छत और दीवार भी गिर गई है. मकान का कुछ ही हिस्सा बचा है, जो कभी भी गिर सकता है. इसके आसपास के मकान भी टूट कर गिरने की कगार पर हैं.
इस तस्वीर में दिख रहे सभी घर सिंहधार वार्ड में ही आते हैं. जो कि भू-धंसाव की वजह से बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं.
सांसद तीरथ सिंह रावत का संसद में दिया गया बयान
जोशीमठ के अस्तित्व पर आए संकट का मुद्दा सोमवार (13 फरवरी) को संसद में भी उठा था. उत्तराखंड के गढ़वाल से (बीजेपी) के सांसद तीरथ सिंह रावत ने कहा था कि ड्रेनेज सिस्टम के कारण, पानी रिसने के कारण भू-धंसाव हुआ. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से इतना माहौल बनाया गया जैसे जोशीमठ खत्म हो जाएगा, उसका अस्तित्व मिट जाएगा.
गढ़वाल के बीजेपी सांसद ने इसे सत्य से परे बताया और कहा कि जोशीमठ में कुछ होटल, घर में दरारें आई थीं. उन्होंने दावा किया कि जोशीमठ में जनजीवन सामान्य है. वहां अब भी पहले की तरह बाजार लग रहे हैं. तीरथ सिंह रावत ने पीएम मोदी और केंद्र सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि केंद्रीय कमेटी भी वहां गई थी और सिफारिशें सौंपी हैं जिनको लेकर कार्य किया जाएगा.