
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें जोशीमठ के बारे में जानकारी दी. पीएम मोदी ने सीएम धामी से कहा कि जोशीमठ के लोगों की सहायता के लिए जो भी हो सकेगा, वह काम करेंगे. वहीं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी लगातार दावा कर रहा है कि जोशीमठ में लोगों की हर संभव सहायता की जा रही है.
आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत सिन्हा ने कहा कि लोगों के लिए ₹5000 प्रति महीना किराए पर रहने के लिए व्यवस्था की गई है. अगर कैम्प में रहना चाहते हैं तो उसकी भी व्यवस्था की गई है, खाने पीने की कोई समस्या नहीं है. सिन्हा ने आगे कहा अब तक 80 परिवारों को मुआवजा राशि दी जा चुकी है और अधिक राशि की व्यवस्था की जा रही है तो यह कहना गलत होगा कि सरकार ने कुछ नहीं किया है.
हरीश रावत ने सरकार से पूछे सवाल
वहीं जब आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सचिव से पूछा गया कि जोशीमठ के लोगों द्वारा वापस अपने टूटे हुए मकानों में रहने को मजबूर हैं तो उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ आपदा प्रबंधन पर बात कीजिए. सरकार के दावों पर उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने सीएम धामी को घेरा है.
हरीश रावत ने सरकार से पूछा कि अबतक कौन-सी मदद की गई और क्या सहायता की गई, ये बताना चाहिए. जोशीमठ के लोगों की मदद करने के लिए बीजेपी का रिकॉर्ड खराब ही रहा है. जोशीमठ ही नहीं बल्कि दूसरे क्षेत्रों में भी लोग बेसहारा और मजबूर हैं.