उत्तराखंड के रुड़की में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मीट दुकानों से 34 संरक्षित तोते रोज-रिंग्ड और एलेक्जेंड्राइन पैराकीट्स बरामद किए हैं. इस मामले में शोएब और सारिक को गिरफ्तार कर लिया गया है. इन दोनों पर संरक्षित पक्षियों की अवैध खरीद-फरोख्त और कैद करने का आरोप है. यह कार्रवाई हरिद्वार के प्रभागीय वन अधिकारी वैभव सिंह के निर्देश पर की गई है.
दरअसल, हाल ही में पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (PETA) इंडिया ने रुड़की की कुछ दुकानों में तोतों के अवैध व्यापार की शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद वन विभाग ने पुरानी तहसील इलाके की दो दुकानों पर छापेमारी की और तोतों को पिंजरे से मुक्त कराया. साथ ही गिरफ्तार किए गए आरोपियों को वाइल्ड लाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
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कानून के अनुसार, संरक्षित प्रजातियों के व्यापार या कब्जे पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना, तीन साल तक की जेल या दोनों सजाएं हो सकती हैं. बताया जा रहा है कि PETA के एक कर्मचारी ने सड़क से गुजरते वक्त दुकानों में पिंजरों में कैद तोते देखे थे, जिसके बाद यह शिकायत की गई. इस त्वरित कार्रवाई के लिए PETA इंडिया के क्रूरता प्रतिक्रिया समन्वयक वीरेंद्र सिंह ने उत्तराखंड वन विभाग का आभार जताया है.
PETA इंडिया ने यह भी कहा कि वे देश भर में संरक्षित पक्षियों की अवैध तस्करी और व्यापार के खिलाफ वन विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. यह मामला इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है.
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