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Uttarakhand: जल कुंड से पानी पीने पहुंचा बाघ का कुनबा, तस्वीरें देख वन विभाग और पर्यटक खुश 

गर्मियों के मौसम में जंगल में पानी की कमी होने की वजह बाघ सहित अन्य वन्य जीव आबादी क्षेत्र में चले आते हैं. लिहाजा, उन्हें आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए वन विभाग ने जगह-जगह पर जलकुंड बनाए हैं.  इन्हीं में से एक जल कुंड में पानी पीने के लिए बाघ का कुनबा पहुंचा. तराई क्षेत्र में 5 बाघों को देखकर वन विभाग के साथ ही पर्यटक भी खुश हो रहे हैं. 

जलकुंड में पानी पीता बाघ का कुनबा. जलकुंड में पानी पीता बाघ का कुनबा.
रमेश चन्द्रा
  • उधम सिंह नगर,
  • 22 मई 2024,
  • अपडेटेड 5:49 PM IST

देश के कोने-कोने से लोग बाघ का दीदार करने उत्तराखंड का रुख करते हैं. ऐसे में बाघ प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर उधम सिंह नगर से आई है. यहां के तराई केंद्रीय वन प्रभाग में बाघों का कुनबा बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. तराई केंद्रीय वन प्रभाग में बाघ के कुनबे की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देख कर लोगों में ही नहीं, बल्कि वन विभाग में खुशी का माहौल है. 

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तस्वीरें भी ऐसी कि हर किसी को लुभा रहीं हैं. ये तस्वीरें गर्मी के सीजन में वन विभाग के द्वारा बनाए गए कुंड में पानी पीने के लिए पहुंचे बाघ के कुनबे की हैं. बता दें कि जंगलों में गर्मी के मौसम में पानी के स्रोत काफी कम हो जाते हैं. इससे वन्य जीव पानी के लिए भटकते हुए आबादी वाले इलाकों में पहुंचते हैं. 

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वन विभाग ने बनाए हैं जलकुंड 

कई बार पानी नहीं मिलने के चलते वन्य जीवों की मौत हो जाती है. ऐसे में वन्यजीवों को संरक्षित करने के लिए वन विभाग के द्वारा तराई वन क्षेत्र उधम सिंह नगर के वन क्षेत्र में जल कुंड बनाए गए हैं. इसमें पानी पीने के लिए हाथी, हिरण, बाघ सहित अन्य पशु-पक्षी आते हैं. 

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जल कुंड में पानी पीने के लिए आए पांच बाघों के कुनबे का एक वीडियो कमरे में कैद हो गया. इसमें आप देख सकते है कि जल कुंड के समीप 5 बाघ पहुंचे. गर्मी से निजात पाने के लिए बाघों ने कुंड से पानी पीया और फिर वहां से चले गए.

डीएफओ तराई केंद्रीय वन प्रभाग उमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि वन विभाग की टीम द्वारा बनाए गए कुंड में टैंकर से पानी भरा जाता है, ताकि वन्य जीव जंगल में सुरक्षित रहें. उन्होंने बताया कि इस कुंड की वजह से गर्मी के मौसम में वन्य जीवों को पानी पीने के लिए भटकना नहीं पड़ता है. साथ ही वे आबादी क्षेत्र में आने से  भी बच जाते हैं. 

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