
Uniform Civil Code Bill: उत्तराखंड विधानसभा में बुधवार को चर्चा के बाद समान नागरिक संहिता बिल यानी यूसीसी ध्वनिमत से पास हो गया. इसकी के साथ उत्तराखंड समान कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया. पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह ने बताया कि 7 फरवरी को विधायिका द्वारा पारित यूसीसी विधेयक मसौदे के आधार पर प्रक्रियाओं और नियमों को तैयार करने के लिए यूसीसी समिति का गठन किया गया. यूसीसी मसौदा समिति के 3 सदस्यों को भी यूसीसी प्रक्रियाओं और नियम समिति में शामिल किया जाएगा. शत्रुघन सिंह यूसीसी प्रक्रिया और नियम समिति के अध्यक्ष होंगे. कमेटी में दून यूनिवर्सिटी की वीसी सुरेखा डंगवाल भी सदस्य के रूप में शामिल हैं. समिति में उत्तराखंड सरकार के अधिकारी भी शामिल हैं.
बता दें कि बिल पास होने के बाद सीएम धामी ने कहा कि जो भी दूसरे राज्य ड्राफ्ट मांगेंगे या इस दिशा में आगे बढ़ेंगे, उनको हम समर्थन करेंगे. वहीं समान नागरिक संहिता बिल पास होते ही विरोध शुरू हो गया. जमीअत उलमा-ए-हिंद ने कहा कि मुसलमानों को शरीअत में दखल बर्दाश्त नहीं है.
समान नागरिक संहिता का वादा बीजेपी ने 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान किया था. पुष्कर सिंह धामी की सरकार बनने के बाद इसे लेकर समिति बनाई गई थी. इस समिति ने ढाई लाख से ज्यादा सुझावों के बाद यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार किया था. गोवा में पहले से समान नागरिक संहिता लागू है, लेकिन वहां पुर्तगाल के शासन काल से ही ये लागू है.
आजतक से बातचीत में सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत के विजन को लेकर हम चले हैं, इसी सोच पर यूसीसी का प्रस्ताव हमने रखा. आजादी के बाद से ही विपक्ष ने तुष्टिकरण किया है, हमने नहीं. यूसीसी से किसी को घबराने की जरूरत नहीं है. जनजातियों को इसलिए इससे बाहर रखा गया है क्योंकि कोर्ट भी उन्हें राहत देता है.