
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को गुरुवार शाम लगभग 5:30 बजे सांस लेने में तकलीफ होने लगी, जिसके कारण तुरंत सचिवालय के सभी कामों को छोड़कर उन्हें मुख्यमंत्री आवास ले जाना पड़ा जहां डॉक्टर्स की टीम ने उनकी शुरुआती जांच की. जांच में पाया गया कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है, लेकिन बाद में डॉक्टर्स ने बताया कि उनको मामूली बुखार था जिसके लिए उनको दवाई दे दी गई है और जल्द ही उनकी तबीयत में सुधार आएगा.
तबीयत खराब होने के बावजूद त्रिवेंद्र ने अचानक बिना किसी पूर्व कार्यक्रम के ही दिल्ली जाने का कार्यक्रम बना लिया. मुख्यमंत्री आज यानी शुक्रवार शाम को दिल्ली पहुंच रहे हैं. उनके अचानक बने इस कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो लगभग 10 से ज्यादा सत्तापक्ष के विधायकों ने पिछले कई दिनों से दिल्ली में डेरा डाला हुआ है जिसको बेहद गंभीर माना जा रहा है.
उत्तराखंड की राजनीति (विधायक) वैसे भी जब-जब दिल्ली की ओर रुख करती है, तब-तब कोई बड़ी उथलपुथल से राजनीतिक समीकरण में बदलाव होते रहे हैं. फिर चाहे वो खंडूरी सरकार की बात हो, निशंक सरकार की बात हो या फिर विजय बहुगुणा की सरकार के समय का मुद्दा हो,अक्सर बदलाव देखने को मिलते रहे हैं.
आज के समीकरण को देखते हुए ये साफ है कि त्रिवेंद्र सरकार जीरो टॉलरेंस पर चल रही है और बहुत से ऐसे काम हैं जिसमें सीधे तौर पर त्रिवेंद्र सिंह रावत का दखल है जिसकी वजह से सत्ता पक्ष में रहते हुए कई ऐसे लोग हैं जो खुश नही हैं.
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी कई बार अपनी नाराजगी देहरादून से लेकर दिल्ली तक एक बार नहीं बल्कि कई बार जाहिर कर चुके हैं, ऐसे में लगातार नाराजगी और उसके बीच कई विधायकों का दिल्ली में डेरा डालना के शंकाओं को जन्म देने के लिए काफी है.