
उत्तराखंड के हल्द्वानी में हिंसा को 6 दिन बीत चुके हैं. लेकिन अब भी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. 8 फरवरी को हुई हिंसा के दौरान गोली लगने से घायल एक और शख्स की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक का नाम मोहम्मद इसरार (50) था, जिसका सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज चल रहा था. इसरार के अलावा इस हिंसा में 5 और लोगों की मौत हुई है. हल्द्वानी के बनभूलपुरा में पिछले एक हफ्ते से कर्फ्यू लगा हुआ है. अब भी पुलिस यहां घर-घर तलाशी ले रही है.
बनभूलपुरा में जिस जमीन से अतिक्रमण हटाया गया था, वहां हिंसा के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक पुलिस चौकी खोलने का ऐलान किया था. उनके ऐलान के 24 घंटे के अंदर ही वहां चौकी खोली जा चुकी है. इस चौकी का उद्घाटन दो महिला पुलिसकर्मियों ने किया है. इसमें एक हेड कांस्टेबल, चार कांस्टेबल और कुछ प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) के जवान तैनात किए गए हैं. बता दें कि हिंसा की शुरुआत अतिक्रमण वाली जगह से मदरसा हटाने के बाद हुई थी.
हिंसा के दौरान घायल हुआ था इसरार
पुलिस के मुताबिक हिंसा में घायल हुए इसरार की इलाज के दौरान मौत के बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. इसरार उन 3 लोगों में शामिल था, जो उग्र भीड़ और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. एसएसपी ने बताया कि इसरार की मौत के बाद संघर्ष में मरने वालों की संख्या 6 हो गई है.
इन 6 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
हल्द्वानी हिंसा के मामले में छह और लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक नई गिरफ्तारियों के बाद हिंसा के सिलसिले में पकड़े गए लोगों की कुल संख्या 36 हो गई है. गिरफ्तार किए गए लोगों में शोएब, भोला उर्फ सोहेल, समीर पाशा, जुनैद, साहिल अंसारी और शाहनवाज शामिल हैं.
मुख्य आरोपी से की जाएगी रिकवरी
हल्द्वानी में बनभूलपुरा इलाके में 8 फरवरी को अतिक्रमण हटाने गई प्रशासन और पुलिस की टीम पर पथराव और आगजनी के दौरान नगर निगम और सरकारी संपत्ति का भारी नुकसान हुआ था. इसका आकलन करने के बाद नगर निगम ने मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को नुकसान की भरपाई के लिए वसूली नोटिस जारी किया था. नगर निगम ने आरोपी को 15 फरवरी तक भरपाई की रकम 2.45 करोड़ रुपए अदा करने को कहा है. डेडलाइन के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
हाई कोर्ट में होने वाली है सुनवाई
एसएसपी के मुताबिक आरोपियों को पथराव करने, कथित तौर पर बनभूलपुरा पुलिस स्टेशन में आग लगाने, पुलिस कर्मियों के साथ झड़प करने और नगर निगम के वाहनों को जलाने के लिए गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र के निवासियों के 120 शस्त्र लाइसेंस रद्द करने के लिए नैनीताल जिला प्रशासन ने आदेश जारी किए थे. इसके बाद 41 लाइसेंसी हथियार जब्त कर लिए गए हैं. जिलाधिकारी वंदना सिंह ने इस मामले में 8 सदस्यीय पैनल का गठन किया है. मदरसे को ध्वस्त करने के नगर निगम के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर उत्तराखंड हाई कोर्ट में सुनवाई होने वाली है.