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उत्तराखंड पुलिस ने ली जिम्मेदारी, बेटियां सुरक्षित तरीके से करेंगी नए साल का स्वागत

जिन वाहनों को नए साल की ड्यूटी पर लगाया गया है उनकी सेवा रात को 8 बजे से मध्यरात्रि 1 बजे तक रहेगी. इस दौरान जिसको भी वाहन की जरूरत होगी वे इस सुविधा का उपयोग निशुल्क कर सकते हैं. सेवा के लिए बाकायदा कंट्रोल रुम स्थापित किया गया है जिसमें AIG केवल खुराना के साथ ही 3 अन्य नंबर्स पूरे शहर में बांटे गए हैं.

उत्तराखंड पुलिस ने ली जिम्मेदारी, बेटियां सुरक्षित तरीके से करेंगी नए साल का स्वागत उत्तराखंड पुलिस ने ली जिम्मेदारी, बेटियां सुरक्षित तरीके से करेंगी नए साल का स्वागत
रोहित
  • देहरादून,
  • 31 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 7:15 PM IST

जश्न नए साल का, 2017 की विदाई है और 2018 का स्वागत है. देवभूमि उत्तराखंड के लोगों में भी नए साल को लेकर शासा उत्साह देखने को मिल रहा है. खासकर युवाओं में और इस साल राज्य की लड़कियों की सुरक्षा का विशेष इंतजाम किया गया है. इस बार उत्तराखंड की बेटियां सुरक्षित तरीके से नए साल का स्वागत तो करेंगी ही साथ ही उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें सुरक्षित घर से पिक करने और ड्रॉप करने की जिम्मेदारी ली है.

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कैसे होगा इसका संचालन

जिन वाहनों को नए साल की ड्यूटी पर लगाया गया है उनकी सेवा रात को 8 बजे से मध्यरात्रि 1 बजे तक रहेगी. इस दौरान जिसको भी वाहन की जरूरत होगी वे इस सुविधा का उपयोग निशुल्क कर सकते हैं. सेवा के लिए बाकायदा कंट्रोल रुम स्थापित किया गया है जिसमें AIG केवल खुराना के साथ ही 3 अन्य नंबर्स पूरे शहर में बांटे गए हैं. इस सेवा का लाभ लेने के लिए 100 नं. डायल किया जा सकता है या फिर दिए गए अन्य नंबर्स पर संपर्क किया जा सकता है. इसके बाद कोई भी व्यक्तिगत सवाल किए बगैर महिलाओं को इनके घर से पिक किया जाएगा और पार्टी खत्म होने के बाद वो दोबारा इन्ही नंबर्स पर फोन कर अपने घर सुरक्षित पहुंच सकती हैं. इन सभी वाहनों के साथ एक-एक पुलिस के कर्मचारी की भी व्यवस्था की गई है जो इन वाहनों पर हथियार सहित वायरलेस सेट के साथ किसी भी अनचाही स्थिति से निपटने के लिए तैनात रहेंगे.

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'सुखद' नए वर्ष के लिए लगे हैं 51 नए वाहन

उत्तराखंड पुलिस ने 51 वाहनों को इस नववर्ष के स्वागत के लिय चयनित किया है जिनको ड्राइव करने वाले सभी वाहन चालकों को पुलिस की तरफ से बाकायदा ट्रेनिंग दी गयी है. सभी के लाइसेंस व कागजात को पूर्णतया चेक करने के बाद ही उन्हें इस मुहिम का हिस्सा बनाया गया है ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में उनमें बदलाव भी किया जा सके. इन सभी ड्राइवर्स की जिम्मेदारी तय की गई है कि बेटियों को नववर्ष की संध्या के सेलिब्रेशन के लिए घर से पिक करते समय एक फॉर्म भरकर देना होगा उसी तरह से जब महिलाओं, बेटियों को घर पर छोड़ा जाएगा तो उस समय भी बाकायदा वो सीधे कंट्रोल रूम में ये सुनिश्चित करेंगे कि हमारे द्वारा सभी महिलाओं को उनके घर पर सुरक्षित छोड़ दिया गया है.

AIG खुद देखेंगें व्यवस्था

नए साल के जश्न के दौरान शहर में 5 डिप्टी एस पी, 30 इंस्पेक्टर्स व अन्य पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे. इनको कंट्रोल करने के लिए खुद AIG केवल खुराना पूरी रात सड़कों पर गश्त करेंगे. उन्होंने कहा कि, ये एक ऐसी पहल है जो निश्चित रूप से महिलाओं और बेटियों में सुरक्षा की भावना को विकसित करने का काम करेगी. ये बस एक शुरुआत भर है आगे भी हम अब इस तरह की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम करते रहेंगे.

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इंक्वायरी को लेकर पूछे गए सवाल पर उनका कहना है कि, 'अभी दोपहर तक हमारे पास 30 से ज्यादा फोन कॉल्स आएं हैं जो इस सेवा का लाभ लेंगे और भी बहुत सी इन्क्वायरी हमारे कंट्रोल रूम में लगातार आ रही हैं.

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