
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और पौड़ी से सांसद अनिल बलूनी की कथित रूप से सुरक्ष हटाए जाने के दावे को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है. उन्हें Y प्लस कैटगरी की सुरक्षा मिली हुई थी, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कटौती की गई है.
दरहसल, त्रिवेंद्र सिंह रावत 2021 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे और उन्हें Z+ सुरक्षा मिली हुई थी. इसके बाद तीरथ रावत के मुख्यमंत्री बनते ही उनकी सुरक्षा Y With Escort में तब्दील हो गई थी. इसके बाद पुष्कर सिंह धामी राज्य के मुख्यमंत्री बना दिए गए. साल 2022 के विधानसभा चुनाव की अचार संहिता के दौरानन त्रिवेंद्र सिंह रावत की सुरक्षा को Y With Escort की जगह सिर्फ Y कैटगरी कर दी गई.
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सरकार का क्या कहना है?
सोशल मीडिया पर हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और पौड़ी सांसद अनिल बलूनी की सुरक्षा को लेकर हो रही चर्चा के बीच उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय से भी प्रतिक्रिया सामने आई है.
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उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज में बताया गया है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत और अनिल बलूनी की सुरक्षा नहीं हटाई गई है. उन्होंने कहा कि जीवन के खतरे की आशंका पर सुरक्षा दी जाती है और छह महीने में इसकी समीक्षा कराए जाने का प्रावधान है.
प्रेस रिलीज में कहा गया है कि जहां तक विवादास्पद लोगों की सुरक्षा को बरकरार रखने का सवाल है, तो ऐसे लोगों की लिस्ट सबूतों के साथ सक्षम अधिकारी को सौंपी जा सकती है.
क्या है पूरा विवाद?
2022 के विधानसभा चुनाव के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद रमेश पोखरियाल निशंक और भगत सिंह कोशियारी को Y श्रेणी में एस्कॉर्ट दोबारा मिल गई लेकिन सांसद त्रिवेंद्र रावत और अनिल बलूनी के पास अभी Y कैटगरी की ही सुरक्षा है. 2017 में अनिल बलूनी को Y माय एस्कॉर्ट कैटगरी की सुरक्षा एस्कॉर्ट के साथ दी गई थी.
अपनी सुरक्षा को लेकर हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मई 2024 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गृहमंत्री अमित शाह को अनुरोध किया था कि उनकी सुरक्षा दोबारा Y+ श्रेणी की जाए, और इसी पत्र की अब दोबारा चर्चा हो रही है.
किन्हें मिली है Y+ श्रेणी की सुरक्षा?
2023 की एक अधिसूचना के मुताबिर, खानपुर विधायक उमेश कुमार को Y+ श्रेणी की सुरक्षा है और एस्कॉर्ट निजी व्यय पर है. इनके अलावा उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री, हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, न्यायधीश, महाधिवक्ता, विधानसभा अध्यक्ष, तत्कालीन सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर आचार्य अवधेशानंद गिरी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को Y श्रेणी मय एस्कॉर्ट सुरक्षा मिली है. वहीं बाकी सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों (जिसमें त्रिवेंद्र रावत भी हैं), अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, सांसद अजय भट्ट और कुछ अखाड़ों के पीठाधीश्वर को Y श्रेणी की सुरक्षा मिली है.