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उत्तराखंड: बर्फबारी के बाद खिली धूप में चांदी से चमके पहाड़, उत्तरकाशी-चमोली में बारिश की संभावना

देहरादून में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. वहीं, केदारनाथ में तापमान -10 डिग्री सेल्सियस, औली में -4 डिग्री सेल्सियस और बद्रीनाथ में -7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है.

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अंकित शर्मा
  • चमोली,
  • 30 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:28 PM IST

उत्तराखंड के कई इलाकों में दो दिनों से हो रही लगातार बर्फबारी और  बारिश के बाद आज, 30 दिसंबर को खिली धूप ने लोगों को राहत दी है. हालांकि, हिमालय से आने वाली उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण शीतलहर का प्रकोप बढ़ने की संभावना है. देहरादून, पौड़ी और नैनीताल समेत अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. वहीं, उत्तरकाशी और चमोली के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है.

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माइनस में पहुंचा कई जगहों का तापमान
देहरादून में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. वहीं, केदारनाथ में तापमान -10 डिग्री सेल्सियस, औली में -4 डिग्री सेल्सियस और बद्रीनाथ में -7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है. अगले दो दिनों में तापमान में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. हिमालय पर बहने वाली उत्तर-पश्चिमी हवाएं मैदानी इलाकों में शीतलहर पैदा कर सकती हैं.

देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में घने कोहरे की संभावना
देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर के बाहरी इलाकों में सुबह-सुबह और देर रात को मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की भी संभावना है. इससे ड्राइविंग की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है और यात्रा का समय बढ़ सकता है. निवासियों और यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें, फ़ॉग लाइट का उपयोग करें और यदि आगे की परिस्थितियां अनुकूल न हों तो सुरक्षित स्थान पर रहें. 2,500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना के कारण, यात्रा की योजना बनाने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जांच करना उचित है.

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मैदानी इलाकों में नहीं होगा बर्फबारी का असर
पहाड़ी राज्यों में 01 से 05 जनवरी 2025 तक पूरे सप्ताह के दौरान मौसम की गतिविधि रहेगी और यह अगले सप्ताह तक भी जारी रह सकती है. हालांकि, बारिश और बर्फबारी पहाड़ों तक ही सीमित रहेगी और मैदानी इलाकों पर इसका असर पड़ने की संभावना नहीं है. दिल्ली में भी एक शुष्क और सर्द सप्ताह रहेगा. पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ की उपस्थिति इस अवधि के दौरान पारे के स्तर में किसी भी तेज गिरावट को सीमित करेगी. पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ की जोड़ी के कारण इस सप्ताह के अंत में मैदानी इलाकों में बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है. हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी में अगले सप्ताह की शुरुआत में कुछ बारिश होने की संभावना है.

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