बृजभूषण शरण सिंह का पक्ष भी जानना जरूरी है जो आजतक से बातचीत में ये सवाल उठाते हैं कि यौन शोषण लगाने वालों ने जनवरी से पहले कभी क्यों नहीं शिकायत की? दावा करते हैं कि शोषण का कोई आरोप बंद कमरे का नहीं है. आरोप लगाते हैं कि शिकायत करने वाले खिलाड़ियों की वजह से नौजवान पहलवानों का भविष्य बर्बाद हो रहा है.