जयपुर में एक महिला और बच्ची की लाश सड़क पर पड़ी रही और बच्ची का पिता जख्मी हालत में बिलखता रहा, लेकिन किसी को भी उन पर दया नहीं आयी. किसी ने भी चंद लमहों के लिए रुककर जख्मी कन्हैया लाल की मदद करने की कोशिश तक नहीं की. इस घटना ने हमारी इंसानियत पर तो कई सवाल खड़े कर ही दिये हैं.