
मुंबई के एक सेशन कोर्ट ने 2005 में हुए पार्किंग हमले के मामले में अभिनेता अदित्य पंचोली का दोष सिद्ध किया, लेकिन उन्हें एक साल की जेल की सजा के बदले अच्छे आचरण की शपथ पर रिहा कर दिया. कोर्ट ने आदेश दिया कि पंचोली को 15 हजार रुपये का बांड जमा करवाकर रिहा किया जाए और उन्हें हमले के पीड़ित प्रतीक पाशिने को 1.5 लाख रुपये मुआवजा देना होगा.
मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (अंधेरी) ने नवंबर 2016 में पंचोली को धारा 325 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत दोषी ठहराया था. 2005 में पार्किंग विवाद के दौरान, पंचोली ने अपने पड़ोसी प्रतीक पाशिने पर हमला किया था, जिसके चलते उन्हें जेल की सजा सुनाई गई थी. पंचोली ने इस सजा के खिलाफ अपील की थी.
पार्किंग हमले विवाद में अदित्य पंचोली का दोष सिद्ध
अतिरिक्त सेशन जज डी. जी. धोबले ने पंचोली की अपील का आंशिक रूप से समर्थन करते हुए, मजिस्ट्रेट के आदेश को सही ठहराया, परंतु आरोपी को जेल की सजा से राहत देते हुए रिमांड पर रिहा करने का आदेश जारी किया. अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि पंचोली निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करते हैं, तो मजिस्ट्रेट द्वारा उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी.
यह मामला अगस्त 2005 में वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था, जब पार्किंग विवाद के दौरान पंचोली ने अपने पड़ोसी से झगड़ा किया और उसे गंभीर चोट पहुंचाई थी. अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि आरोपी ने रिहाई के लाभ का लाभ उठाया है, जिसके लिए उसे मुआवजा देना अनिवार्य है.
आदित्य पंचोली ने पड़ोसी से की थी मारपीट
यह फैसला मुंबई न्यायपालिका के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जो सुधारात्मक व्यवस्था के साथ कठोर न्याय प्रणाली को भी दर्शाता है. अदालत का मानना है कि ट्रायल कोर्ट ने कोई गैरकानूनी या अनुचित निर्णय नहीं किया है और इसी आधार पर पंचोली को अच्छे आचरण की शपथ पर रिहा किया गया है.