Advertisement

अस्पताल की लापरवाही से हुई मरीज की मौत, कंज्यूमर कोर्ट का फैसला 5 लाख रुपए दें हर्जाना

यूपी के लखनऊ में कंज्यूमर कोर्ट ने एक प्राइवेट हॉस्पिटल को इलाज में लापरवाही बरतने का दोषी माना है. कोर्ट ने कहा है कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते 4 वर्ष पूर्व एक शख्स ने अपने पिता को खो दिया था. उसने लाखों रुपए भी खर्च किए, लेकिन इलाज ठीक से नहीं हुआ. कोर्ट ने अस्पताल को लाख रुपए का हर्जाना भरने के आदेश दिए हैं.

कंज्यूमर कोर्ट ने दिया परिवार को न्याय. इलाज में लापरवाही पर अस्पताल और मालिक को ठहराया दोषी. कंज्यूमर कोर्ट ने दिया परिवार को न्याय. इलाज में लापरवाही पर अस्पताल और मालिक को ठहराया दोषी.
सत्यम मिश्रा
  • लखनऊ,
  • 05 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 11:27 AM IST

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में कंज्यूमर कोर्ट ने इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत होने के मामले में प्राइवेट अस्पताल और उसके मालिक को दोषी पाया है. कोर्ट ने चार साल पुराने इस मामले में मृतक के परिवार को पांच लाख रुपए का हर्जाना देने का आदेश दिया है. यह मामला यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित अजंता हॉस्पिटल का है.

जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के अजंता हॉस्पिटल में चार साल पहले अजय चतुर्वेदी नाम के शख्स ने अपने पिता को इलाज के लिए भर्ती कराया था. अस्पताल में तत्कालीन डॉ. दीपक दीवान और डॉ. रितेश पुरवार ने मरीज का इलाज कर रहे थे. इस दौरान लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी अजय के पिता की मौत हो गई थी. अजय ने इस मामले में डॉक्टरों पर लापरवाही इस इलाज करने का आरोप लगाया.

Advertisement

बिना परिवार की इजाजत के वेंटिलेटर पर रखा

अजय चतुर्वेदी ने कहा, “दोनों डॉक्टरों ने इलाज के दौरान लापरवाही बरती थी. इस वजह से पिता की मौत हो गई थी. परिवार की अनुमति लिए बिना पिता को वेंटिलेटर पर रखा गया. इसके बाद कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई.

दिल्ली तक उठाया मामला, लेकिन नहीं मिला न्याय 

मामले में मृतक के बेटे ने नेशनल मेडिकल कमीशन, पीएमओ और स्वास्थ्य मंत्रालय का दरवाजा खटखटाया और चिट्ठी लिखकर न्याय की गुहार लगाई. नेशनल मेडिकल कमिशन ने मेडिकल नेगलिजेंस मानते हुए डॉक्टरों को सिर्फ चेतावनी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

इसके बाद पीड़ित पुत्र ने पीएमओ को पत्र लिखा, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं आया. फिर वह मामले को कंज्यूमर कोर्ट ले गया जहां कंज्यूमर कोर्ट ने मृतक के पुत्र को न्याय देते हुए अस्पताल और अस्पताल के मालिक को 5 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है. 

Advertisement

कंज्यूमर कोर्ट ने माना अस्पताल और मालिक को दोषी  

कंज्यूमर कोर्ट के सदस्य विवेक सक्सेना और प्रीसाइडिंग मेंबर राजेंद्र सिंह ने मामले में दो पार्टियोंं को दोषी मानाा है. इसमें पहला खुद अस्पताल है और दूसरी पार्टी अस्पताल के मालिक को बनाया गया है. इन दोनों दोषी पार्टियों को 30 दिन में हर्जाने की राशि पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement