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दिल्ली दंगों का 'मुख्य साजिशकर्ता' कहे जाने पर शरजील इमाम को आपत्ति, सुप्रीम कोर्ट में 9 दिसंबर को सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगों की साजिश में शामिल होने को लेकर 18 अक्टूबर को दिए अपने आदेश में शरजील इमाम को भी लपेटा है. जबकि अब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी विशेष अनुमति याचिका (SLP) में शरजील इमाम ने दलील दी है कि वो तो उमर खालिद वाले उस मुकदमे में पक्षकार थे ही नहीं तो उस पर कोई टिप्पणी उचित नहीं है. लिहाजा, उसे आदेश से निकाला जाए.

दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम. दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम.
सृष्टि ओझा/संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 06 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 11:01 PM IST

दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है, जिसमें उसने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 'मुख्य साजिशकर्ता' कहा गया है. शरजील ने इस आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजय किशन कौल की अगुआई वाली बेंच शुक्रवार को सुनवाई करेगी. इससे पहले HC ने दिल्ली दंगों के आरोपियों में शामिल उमर खालिद की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी और बड़ी टिप्पणियां की थीं. अब हाईकोर्ट के आदेश से कुछ टिप्पणियों को हटवाने को लेकर शरजील इमाम ने सुप्रीम कोर्ट ने अर्जी दाखिल की है. 

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बताते चलें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगों की साजिश में शामिल होने को लेकर 18 अक्टूबर को दिए अपने आदेश में शरजील इमाम को भी लपेटा है. जबकि अब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी विशेष अनुमति याचिका (SLP) में शरजील इमाम ने दलील दी है कि वो तो उमर खालिद वाले उस मुकदमे में पक्षकार थे ही नहीं तो उस पर कोई टिप्पणी उचित नहीं है. लिहाजा, उसे आदेश से निकाला जाए. साथ ही उस आदेश पर एकतरफा रोक लगाई जाए, क्योंकि उमर खालिद की जमानत अर्जी के साथ उनकी जमानत अर्जी की सुनवाई हुई तो इसमें उनका क्या कुसूर? कोर्ट ने दोनों के मामले एक कैसे मान लिए?

शरजील की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई

शरजिल इमाम ने कहा है कि हाईकोर्ट की टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट के बनाए नियम के प्रतिकूल हैं. हाईकोर्ट के आदेश में शामिल उस टिप्पणी से वो असंतुष्ट और आशंकित भी हैं कि इससे उसे निचली अदालत में निष्पक्ष सुनवाई ना मिले. शरजील इमाम ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि वो हाईकोर्ट को निर्देश दे कि वहां उनकी अपील उस टिप्पणी के दबाव और प्रभाव के बिना सुनी जाए. शरजील की अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई होगी.

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'आपत्तिजनक टिप्पणियों से प्रभावित ना हो सुनवाई'

शरजील इमाम ने कहा- दिल्ली हाई कोर्ट ने उमर खालिद की जमानत याचिका को खारिज करते हुए मेरे संबंध में भी कुछ टिप्पणियां कीं, जबकि मैं हाई कोर्ट के समक्ष उक्त याचिका में पक्षकार नहीं था. इमाम ने HC के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की है. शरजील इमाम का कहना है कि वह इस तरह की टिप्पणियों से दुखी हैं क्योंकि यह निष्पक्ष सुनवाई के उनके अधिकार को खत्म करती है. निर्देश मांगे गए हैं कि हाईकोर्ट के समक्ष लंबित अपील को आपत्तिजनक टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना सुना जाए.

दिल्ली हाई कोर्ट ने ये की थी टिप्पणी 

बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया था और कहा था- खालिद लगातार शरजील इमाम के संपर्क में था, जो यकीनन 'साजिश के प्रमुख' थे और एक पैराग्राफ में इमाम को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में भी संदर्भित किया गया था. शरजील इमाम जिस टिप्पणी को हटवाना चाहते हैं, उनमें मुख्य साजिशकर्ता शब्द का इस्तेमाल शामिल है. कोर्ट ने आगे कहा था- उसे इस दलील को स्वीकार करने में मुश्किल हो रही है कि खालिद और इमाम ने कभी एक-दूसरे से बात नहीं की.

कोर्ट ने कहा- बेशक, सभी सह-आरोपियों के बीच समानता का एक तार मौजूद है. यह एक स्वीकृत स्थिति है कि खालिद और इमाम दोनों एक ही व्हाट्सएप ग्रुप के सदस्य हैं और दोनों ने जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. 

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