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बर्खास्त ट्रेनी IAS पूजा खेडकर को नहीं मिली राहत, दिल्ली हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज

ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची बर्खास्त ट्रेनी IAS पूजा खेडकर को यहां भी झटका लगा है. दिल्ली HC ने उनकी याचिका खारिज कर दी है. दरअसल, ट्रायल कोर्ट ने पूजा खेडकर को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था.

Pooja Khedkar (File Photo) Pooja Khedkar (File Photo)
सृष्टि ओझा
  • नई दिल्ली,
  • 23 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 2:58 PM IST

ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची बर्खास्त ट्रेनी IAS पूजा खेडकर को यहां भी झटका लगा है. दिल्ली HC ने उनकी याचिका खारिज कर दी है. दरअसल, ट्रायल कोर्ट ने पूजा खेडकर को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद पूजा ने कोर्ट के आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी. अगस्त में यहां से पूजा को अंतरिम संरक्षण मिला था.

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आज हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता का आचरण समाज में वंचित समूहों के लिए योजना का लाभ उठाने के उद्देश्य से प्रेरित है. जांच से पता चलता है कि वह वंचित समूहों के लिए लाभ के लिए नहीं है. यदि वह इनका लाभ उठा रही है. लग्जरी कारों के मालिक होने के अलावा, उसके माता-पिता प्रभावशाली हैं. यह संभव है कि उसके माता-पिता याचिकाकर्ता के प्रस्तुत प्रमाण हासिल कर सकते हैं.

याचिकाकर्ता की रणनीति सवाल खड़े करती है

कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि उनके (पूजा) द्वारा उठाए गए कदम सिस्टम में हेरफेर करने की बड़ी साजिश का हिस्सा थे. यह एक ज्ञात तथ्य है कि लाखों छात्र यूपीएससी परीक्षा के लिए उपस्थित होते हैं. उनके द्वारा इस्तेमाल की गई रणनीति कई सवाल खड़े करती है. धोखाधड़ी का यह क्लासिक उदाहरण न केवल संवैधानिक निकाय, बल्कि पूरे समाज को धोखा देता है.

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इस आधार पर कोर्ट ने खारिज की याचिका

दिल्ली हाई कोर्ट ने आगे कहा कि साजिश का पता लगाने के लिए पूछताछ की जरूरत है. ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता के खिलाफ एक मजबूत मामला बनता है. इसलिए याचिका याचिका खारिज की जाती है.

बता दें कि पूर्व प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर पर धोखाधड़ी करने और सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और विकलांगता कोटा लाभों का गलत तरीके से लाभ उठाने का आरोप लगा है.

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