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रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग, सुब्रमण्यम स्वामी ने SC में क्या कहा?

रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग काफी पुरानी है. आठ साल से लंबित चल रहा ये मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की है कि इस मामले में केंद्र सरकार ने अभी तक अपनी तरफ से कोई हलफनामा दायर नहीं किया.

सुब्रमण्यम स्वामी सुब्रमण्यम स्वामी
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 6:48 AM IST

रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने के मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कहा कि आठ साल हो चुके हैं पर इस याचिका पर कोर्ट नोटिस के जवाब में केंद्र सरकार हलफनामा दाखिल नहीं कर रही है. इस बीच ये याचिका सुनवाई के लिए 16 बार लगी लेकिन अभी तक केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग पर कोई भी जवाब दाखिल नही किया.

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क्या है ये पूरा मामला?

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर केन्द्र सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा है. अदालत ने सरकार को ताकीद कर सुनवाई टाल दी है. जानकारी के लिए बता दें कि डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा कई साल पहले रामसेतु को ऐतिहासिक स्मारक के रूप में मान्यता देने के लिए याचिका दायर की गई थी. पिछले महीनों याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने कई बार कई CJI से इस मामले की जल्द सुनवाई करने की मांग की थी.

दरअसल सुब्रमण्यम स्वामी ने फरवरी और फिर जुलाई में भी रामसेतु को ऐतिहासिक स्मारक के रूप में मान्यता देने की याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में इस मुद्दे पर कहा था कि इस मामले में तीन महीने बाद विचार किया जाएगा. तब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को एक हलफनामा दाखिल करके अपना रुख भी स्पष्ट करने को कहा था.

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यहां ये जानना जरूरी है कि सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में 2018 में रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की याचिका मेंशन की थी. इसमें उन्होंने कहा था कि कोर्ट ने इस पर केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया था लेकिन इतने साल हो गए पर सरकार ने अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया.

केंद्र सरकार का मामले पर क्या रुख?

हालांकि मोदी सरकार रामसेतु मामले पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुकी है. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल कर सेतु समुद्रम परियोजना और राम सेतु के बारे में कहा था कि समुद्र में जहाजों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित सेतु समुद्रम परियोजना के लिए राम सेतु को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. परियोजना के लिए सरकार कोई दूसरा वैकल्पिक मार्ग तलाशेगी. स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि राम सेतु लाखों हिन्दुओं की आस्था से जुड़ा है, लिहाजा इसे न तोड़ा जाए. साथ ही रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए.

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