
सुप्रीम कोर्ट ने रेयान इंटरनेशनल स्कूल मर्डर केस के आरोपी किशोर को अंतरिम जमानत दी है. कोर्ट ने इस मामले में गुरुवार को सुनवाई करते हुए कहा कि किशोर अब वयस्क हो गया है. वह पिछले पांच साल से हिरासत में था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा- हमने काउंसलों को विस्तार से सुना है. गुरुग्राम के जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आखिरकार यह आकलन कर लिया है कि उसे एक वयस्क के रूप में पेश करने की जरूरत है. ऐसे में धारा-12 को शिथिल करने पर विचार नहीं किया जा सकता है.
कोर्ट ने कहा कि अगर जरूरत हो तो उसे नियमित जमानत दी जाए. कोर्ट ने कहा कि हम जमानत याचिका के गुण-दोष पर विचार नहीं कर रहे हैं क्योंकि अभी विचार किया जा रहा है कि क्या याचिकाकर्ता धारा-12 के तहत अपनी जमानत याचिका का हकदार है भी या नहीं. हम इस मामले में कुछ राहत देने के इच्छुक हैं.
क्या 16 साल के आरोपी को जेल में रखा सही है?
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अधिनियम बर्बर है लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि 16 साल के लड़के को जेल के अंदर रखना सही है जबकि ट्रायल भी शुरू नहीं हुआ है. याचिकाकर्ता को सेवा कुटीर किंग्सवे कैंप करेक्शन होम में नजरबंद किया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की आजादी में कटौती की गई है. वह करीब पांच साल से नजरबंद है. अब संतुलन बनाने की जरूरत है. हम इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि याचिकाकर्ता 16 साल का था और अब वह 21 साल का हो गया है. उसे सुधार गृह में रखा गया है. मुकदमे तक उसे लगातार नजरबंद रखने से उस पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. हालांकि प्रतिवादियों की आशंकाओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.
प्रोबेशन अफसर की निगरानी में रहे आरोपी
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अगले आदेश तक आरोपी को अंतरिम जमानत दे दी है. सत्र न्यायाधीश गुरुग्राम द्वारा याचिकाकर्ता को विशेष नियमों और शर्तों पर जमानत पर रिहा किया जाए. कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता प्रोबेशन अफसर या सत्र न्यायाधीश द्वारा नियुक्त किसी अधिकारी की देखरेख में रहेगा. वह इस मामले से जुड़े किसी भी गवाह से संपर्क करने की कोई कोशिश नहीं करेगा.
2017 में हुई थी हत्या, स्कूल के टॉयलेट में मिला था शव
8 सितंबर, 2017 को गुरुग्राम के भोंडसी इलाके में स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल के शौचालय में कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर का शव मिला था, जिसका गला कटा हुआ था. इस हत्याकांड के शक की सुई स्कूल के कंडक्टर पर थी. बाद में पता चला कि बच्चे को स्कूल के ही छात्र ने गला रेत कर मार दिया. सीबीआई ने इस मामले में जांच शुरू की और आरोपी को हिरासत में ले लिया था.