
यूपी के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. बेटी से जुड़े वैवाहिक विवाद के मामले में आपराधिक कार्यवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) के फैसले के खिलाफ अपील पर नोटिस भी जारी किया है.
बता दें कि यह मामला उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर का है. मौर्य ने सुप्रीम कोर्ट से अपने खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग की थी.
स्वामी प्रसाद के खिलाफ कथित रूप से अपनी बेटी के बिना तलाक के दूसरी शादी कराने, मारपीट और गाली-गलौज के साथ जानमाल की धमकी देने और साजिश रचने का आरोप लगा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने स्वामी प्रसाद मौर्य को राहत देने से इनकार कर दिया था.
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वहीं इस मामले में पीड़ित दीपक कुमार स्वर्णकार ने कहा कि तीन जनवरी 2019 को स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा से शादी कर ली थी. हालांकि बाद में जब सच्चाई का पता चला तो शादी की बात उजागर न हो पाए, इसलिए उस पर जानलेवा हमला कराया गया.
बता दें कि यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और उनकी पूर्व सांसद बेटी संघमित्रा को एमपी एमएलए कोर्ट ने फरार घोषित कर दिया था. बिना तलाक लिए धोखाधड़ी करके विवाह के मामले में दायर केस में लगातार पेशी पर नहीं आने के बाद कोर्ट ने आदेश जारी किया था. आरोप था कि स्वामी प्रसाद मौर्य और उनकी पूर्व सांसद बेटी संघमित्रा तीन बार समन, दो बार ज़मानती वारंट, एक बार गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे थे.
संघमित्रा और उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य समेत पांच लोगों के खिलाफ दीपक कुमार स्वर्णकार ने मारपीट, गाली गलौज, जानमाल की धमकी, साजिश रचने का मामला दर्ज कराया था. वादी सुशांत गोल्फ सिटी में रहने वाले दीपक कुमार स्वर्णकार ने कहा था कि संघमित्रा मौर्य से उनकी शादी हुई है, जिसे वो नकार रही है. पिता स्वामी प्रसाद धमकी दे रहे हैं. इसी मामले में लखनऊ की एमपी एमएलए कोर्ट में दायर वाद हुआ था.