
मथुरा में वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के आसपास प्रस्तावित गलियारे यानी कॉरिडोर के निर्माण को लेकर एक मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है. बांके बिहारी मंदिर के सेवायतों ने खजाने से भी रकम लगाए जाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की. इस पर अदालत ने फिलहाल दखल देने से इनकार किया है.
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अजय रस्तोगी और जासूस बेला माधुर्य त्रिवेदी की पीठ ने सुनवाई दो हफ्ते के लिए टाल दी है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई पर फिलहाल रोक नहीं लगाई है.
हाई कोर्ट की कार्रवाई को SC में चुनौती
बता दें कि मंदिर सेवायतों ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की अब तक की कार्रवाई को SC में चुनौती दी है कि बिना उनके पक्ष को सुने मंदिर के पुनर्विकास योजना पर विचार किया जा रहा है. सेवायतों ने हाई कोर्ट के 20 दिसंबर 2022 के आदेश में दिए गए सुझाव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
मंदिर के सेवादारों ने बताया उनके अधिकारों का उल्लंघन
20 दिसंबर के आदेश में हाई कोर्ट ने श्री बांके बिहारी मंदिर के खातों में जमा धनराशि के उपयोग के लिए विस्तृत विकास योजना तैयार करने का सुझाव दिया है. इसपर याचिकाकर्ताओं का कहना है सदियों से मंदिर की देखरेख करने वाले गोस्वामियों के अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है.
कॉरिडोर के विरोध में बैठे स्थानीय लोग
इसके अलावा वृंदावन (Vrindavan) में बांके बिहार मंदिर (Banke Bihari Temple) के चारों ओर कॉरिडोर बनाने के योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रस्ताव का कड़ा विरोध हो रहा है. पुजारियों, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने पिछले सप्ताह बांके बिहारी मंदिर के चारों ओर प्रस्तावित कॉरिडोर के निर्माण के खिलाफ मंगलवार को अपना आंदोलन तेज किया था और कॉरिडोर के प्रस्तावित डिजाइन की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया था.
शुरू हुई राजनीति
गौरतलब है कि मथुरा में इस मुद्दे पर राजनीति भी हो रही है. कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर का कहना है कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर शांत नहीं बैठेगी. माथुर के मुताबिक, इस कॉरिडोर के चलते 300 परिवार बेघर हो जाएंगे, हजारों व्यापारी और उनके साथ काम करने वाले कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे. यह वृंदावन के निवासियों के हित में नहीं है. बांके बिहारी मंदिर से संबंधित एक याचिका पर 20 दिसंबर 2022 को हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को अनुमानित लागत के साथ कॉरिडोर की विकास योजना प्रस्तुत करने का आदेश दिया था. कॉरिडोर के निर्माण के लिए तीन जनवरी को सर्वे शुरू हुआ था.