
टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन के हत्यारों को सजा पर बहस अब 24 नवंबर को होगी. इस दौरान दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण दोषियों की ओर से जेल में रहने के दौरान उनके बरताव-व्यवहार की रिपोर्ट पर अपने रिव्यू का हलफनामा दाखिल करेगा. हालांकि सजा पर बहस सुनने के लिए सौम्या के पिता एमके विश्वनाथन और मां माधवी विश्वनाथन भी कोर्ट आए. साथ ही आज पांचों दोषियों को भी कोर्ट लाया गया था.
दिल्ली की साकेत कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार पांडेय की अदालत में दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रोबेशन ऑफिसर ने कोर्ट को बताया कि जेल प्रशासन से रिपोर्ट आ गई है. उसकी जांच कर हलफनामा दाखिल कर दिया जाएगा. इस मामले में DLSA की रिपोर्ट आज कोर्ट में पेश नहीं हो पाने की वजह से सुनवाई टली.
पिछली सुनवाई में क्या हुआ?
पिछली सुनवाई के दौरान इस मामले में आरोपियों की तरफ से हलफनामा कोर्ट में दाखिल किया गया था. राज्य सरकार की ओर से नियुक्त प्रोबेशन अधिकारी पप्पू लाल मीणा ने अपनी प्री सेंटेंस रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की. साकेत कोर्ट ने इस मामले में सभी पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया था.
हत्या के दोषी करार दिए जा चुके हैं ये 4 लोग
साकेत कोर्ट ने चार लोगों रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत सिंह मालिक और अजय कुमार को सौम्या की हत्या का दोषी करार दिया था. जबकि अजय सेठी को हत्या का दोषी नहीं बल्कि IPC के सेक्शन 411 के तहत दोषी करार दिया था. इसका मतलब कोर्ट ने सेठी को लूट का माल अपने कब्जे में रखने का दोषी माना है.
2008 में हुई थी सौम्या की हत्या
आपको बता दें कि सौम्या विश्वनाथन की वर्ष 2008 में की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सौम्या को 30 सितंबर 2008 को उस समय गोली मारी गई थी, जब वह देर रात कार से अपने घर लौट रही थीं. इस हत्याकांड में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था.