
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अजित पवार को घड़ी चुनाव चिह्न देने के चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और चुनाव आयोग से शरद पवार के लिए तुरही चुनाव चिह्न आरक्षित करने को कहा. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि अजित पवार पक्ष को अंग्रेजी, हिंदी और मराठी अखबारों में विज्ञापन जारी कर जनता को बताना होगा कि उनको मिला घड़ी चिह्न कोर्ट के निर्णय से बंधा है. इस चिह्न से संबंधित विवाद सुप्रीम कोर्ट में लम्बित है.
कोर्ट का निर्णय ही भविष्य में तय करेगा कि 'घड़ी' चुनाव चिह्न भविष्य में भी उनके पास रहेगी या नहीं. अजित पवार गुट ने कोर्ट को बताया कि वो शरद पवार का नाम और तस्वीर अपने प्रचार सामग्री में इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं.
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पवार ने दायर की थी याचिका
अदालत शरद पवार समूह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. शरद पवार ने अजित पवार समूह को आधिकारिक तौर पर असली एनसीपी के रूप में मान्यता देने और उन्हें पार्टी चिन्ह घड़ी आवंटित करने के चुनाव आयोग के 6 फरवरी के फैसले को चुनौती दी थी. शीर्ष अदालत ने आगे निर्देश दिया कि शरद पवार समूह लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी का नाम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी - शरद चंद्र पवार और तुरहा के साथ आदमी (तुरही) प्रतीक का उपयोग करने का हकदार होगा.
पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि चुनाव चिन्ह तुरही संसदीय और राज्य विधानसभा चुनावों के लिए शरद पवार के लिए एक आरक्षित प्रतीक होगा और इसे किसी अन्य राजनीतिक दल, स्वतंत्र उम्मीदवार को आवंटित नहीं किया जाएगा और इसका किसी भी तरह से उपयोग नहीं किया जाएगा. अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि एनसीपी महाराष्ट्र और वहां से बाहर कहीं भी चुनावी पोस्टरों में शरद पवार के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल नहीं नहीं करेगी.
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अजित पवार ने दिया हलफनामा
शरद पवार समूह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क दिया कि घड़ी का चुनावी चिह्न पारंपरिक रूप से शरद पवार के साथ जुड़ा हुआ था और इसलिए, दूसरे गुट द्वारा उसी प्रतीक का उपयोग मतदाताओं को भ्रमित करेगा, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में.
इससे पहले, अजित पवार ने हलफनामा दायर करते हुए कहा था कि उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को शरद पवार की तस्वीर या नाम या एनसीपी के किसी भी पोस्ट/बैनर का उपयोग करने से परहेज करने का विधिवत निर्देश दिया है. हलफनामे में लिखा है, "प्रतिवादी ने आगे कहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रकाशित किसी भी बैनर, पोस्टर या किसी चुनाव सामग्री आदि पर श्री शरद पवार के नाम या तस्वीर का कोई उपयोग नहीं किया जाएगा."