छठ पूजा (Chhath Puja) में सूर्य की उपासना की जाती है. चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व (Chhath Mahaparv) में पहले दिन नहाय खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य और फिर अंतिम दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. छठ पूजा में चढ़ाए जाने वाले प्रसाद का भी खास महत्व होता है. इन प्रसाद के बिना छठ की पूजा पूरी नहीं मानी जाती है.
इस प्रसाद (Chhath Prasad) में डाभ नींबू का होना बहुत जरूरी है. डाभ नींबू को चकोतरा भी कहते हैं. ये बाहर से पीला और अंदर से लाल होता है. प्रसाद के तौर पर छठी मां को डाभ नींबू का अर्पण किया जाता है. बदलते मौसम में डाभ नींबू किसी वरदान से कम नहीं है. इसे खाने से कई मौसमी बीमारियां दूर होती हैं.
डाभ नींबू विटामिन C से भरपूर होता है और हड्डियों को नुकसान से बचाता है. विटामिन C में पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट शरीर में इम्यूनिटी और कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाता है.
डाभ नींबू गठिया जैसी समस्याओं के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है और गठिया रोग को दूर करता है.
डाभ नींबू पाचन क्रिया को भी तंदरुस्त रखता है. ये खाने में आसानी से पच जाता है और पेट को हल्का और ठीक रखता है. इसे खाने से पेट में गैस की समस्या भी दूर होती है.
डाभ नींबू दिल की बीमारियों को भी कम करता है. इसमें मौजूद फ्लेवोनोइड्स हृदय रोगों पर सकारात्मक प्रभाव दिखाते हैं. हालांकि जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत रहती है उन्हें ये फल खाने से बचना चाहिए.
चकोतरा विटामिन A और विटामिन C से भरपूर होता है और इसमें पानी की मात्रा भी अधिक होती है. इसमें कैलोरी बहुत कम होती है इसलिए ये वेट लॉस के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है.
विटामिन के अलावा चकोतरा मैग्नीशियम, पोटैशियम और डायटरी फाइबर से भरपूर होता है. इसके सेवन से सारे जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं और शरीर अंदर से सेहतमंद रहता है.
डाभ नींबू का जूस पीने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिल जाती है और सारी थकावट दूर हो जाती है. इसके अलावा ये पेट की गर्मी और जलन की समस्या को भी दूर करता है.
गुलाबी और लाल चकोतरा में बीटा कैरोटीन होता है जो आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. हर दिन एक चकोतरा खाने से आंखों की समस्या दूर होती है. ये आंखों की रोशनी भी बढ़ाने का काम करता है.