कोरोना की दूसरी लहर बहुत ज्यादा संक्रामक है और कुछ स्टडीज की मानें तो ये हवा से भी फैल रहा है. ऐसे में जो लोग एक्सरसाइज या फिर अपना मूड फ्रेश करने के लिए बाहर वॉक पर जाते उनके लिए समस्या हो गई है. आइए जानते हैं कि मौजूदा माहौल में बाहर वॉक करना कितना सुरक्षित है.
एक तरफ लोगों को ज्यादा से ज्यादा घर में रहने की सलाह दी जा रही है. वहीं शारीरिक और मानसिक रूप से सेहतमंद रहने के लिए कुछ लोग बाहर वॉक पर जाना चाह रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाहर वॉक पर जाना कितना सुरक्षित है ये बहुत कुछ इस पर निर्भर करता है कि आप कहां रह रहे हैं और किस समय वॉक पर जा रहे हैं.
ज्यादातर राज्यों में कई दिनों का लॉकडाउन जारी है, ऐसे में बाहर निकलना संभव नहीं है. अगर आप किसी सोसाइटी में रहते हैं तो बाहर सड़क पर ना जाकर आप अपनी बिल्डिंग के नीचे, खुले हॉल या पार्क में टहलने जा सकते हैं. बिल्कुल सुबह वॉक पर जाएं ताकि लोगों से आपका सामना कम हो.
अगर आप बाहर या पड़ोस में वॉक पर जाते हैं तो लोगों से कम से कम 6 से 10 फीट की दूरी बना कर रखें. पूरे समय मास्क अच्छे से लगाए रखें और साथ में सेनेटाइजर ले जाना ना भूलें. लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों से आने-जाने की कोशिश करें.
अगर आप लिफ्ट से जाना चाहते हैं तो किसी और के साथ शेयर करने से बचें. लिफ्ट के खाली होने का इंतजार करें और अपनी बारी आने पर अकेले ही जाएं. लिफ्ट का बटन दबाने के तुरंत बाद हाथों को सेनेटाइज करें.
किसी भी जान-पहचान के व्यक्ति या दोस्तों के साथ जाने की बजाय अकेले ही वॉक पर जाएं. रास्ते में किसी से भी बात करने के लिए रुके नहीं. याद रखें कि कोई भी व्यक्ति एसिम्टोमैटिक हो सकता है और आपकी जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है.
बाहर रहते हुए अपने चेहरे, नाक, आंख और मुंह को छूने से बचें. घर वापस आने के बाद कुछ भी छूने से पहले हाथ को 20 सेकेंड तक धोएं. घर के दरवाजों के हैंडल को समय-समय पर सेनेटाइज करते रहें. अगर आप बाहर जाते समय फोन लेकर गए हैं तो वापस आने के बाद उसे भी सेनेटाइज करें.
कोई जरूरी नहीं है कि आप घर से बाहर ही निकल कर टहलें. अगर आपकी बालकनी या छत थोड़ी बड़ी है तो आप यहां पर ही आधा-एक घंटा टहल सकते हैं. इससे बाहर जाने और संक्रमित होने का खतरा कम रहेगा.