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Coronavirus Vaccine: क्या कोरोना से रिकवर हो चुके लोगों को भी होगी वैक्सीन की जरूरत? क्या कहते हैं एक्सपर्ट

aajtak.in
  • 21 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 10:33 AM IST
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कोरोना वायरस की कई वैक्सीन ट्रायल में सफल हो चुकी हैं और अब कुछ देशों में लोगों के लिए उपलब्ध भी हैं.  हालांकि वैक्सीन को लेकर कई लोगों के मन में सवाल भी हैं. जैसे कि अगर कोई व्यक्ति पहले ही COVID-19 से संक्रमित हो चुका है तो क्या उन्हे ये वैक्सीन (Coronavirus Vaccine)लेने की जरूरत है?

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अमेरिका की टीकाकरण कार्यक्रम की सलाहकार समिति (ACIP) के अनुसार, जिन लोगों को पहले कोरोना वायरस संक्रमण हो चुका है उन लोगों को वैक्सीन लेने से मना नहीं करना चाहिए. CDC को दिए अपने प्रेजेंटेशन में समिति ने कहा कि क्लिनिकल ट्रायल के डेटा से पता चलता है कि वैक्सीन उन लोगों में सुरक्षित और असरदार है जो लोग पहले इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, भले ही उनके लक्षण दिखाई दिए हों या नहीं.

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अब एक सवाल और उठता है कि जब कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के शरीर में एंटीबॉडी बन जाती है तो उन्हें वैक्सीन की जरूरत क्या है?  Imanis Life Sciences के सीईओ स्टीफन रसेल ने हेल्थ वेबसाइट को बताया कि समस्या ये है कि संक्रमित हो चुके हर व्यक्ति में एंटीबॉडी का स्तर अलग-अलग होता है. उन्होंने कहा, 'न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी का उच्च स्तर नए इंफेक्शन के खिलाफ बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है.' 
 

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डॉक्टर रसेल का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति में COVID-19 का संक्रमण बहुत मामूली रूप से हुआ हो, तो उसके इम्यून सिस्टम ने पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडी नहीं बनाई होगी. ये चीज उनके साथ भी हो सकती है जिन्होंने कोरोना वायरस का गंभीर अनुभव किया हो. फ्रंटियर इन इम्यूनोलॉजी में छपी एक स्टडी में पाया गया है कि अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस के मरीजों में संक्रमण इतना ज्यादा था कि उनका इम्यून रिस्पॉन्स ही खत्म हो गया और वायरस के खिलाफ इम्यून मेमोरी भी ठीक से नहीं बन पाई.
 

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वैक्सीन से मिलने वाली सुरक्षा पर डॉक्टर रसेल ने कहा, 'COVID-19 से पहले संक्रमित हो चुके लोगों को उनका संक्रमण खत्म होने के 6 महीने बाद बूस्टर वैक्सीन दी जानी चाहिए लेकिन हमें इस पर और जानकरी जुटाने की आवश्यकता है कि इन लोगों में इम्यूनिटी किस दर से कम हो रही है.' उन्होंने कहा कि न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी से मिलने वाली सुरक्षा और इम्यूनिटी समय के साथ-साथ खत्म होने लगती है.

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डॉक्टर रसेल ने कहा, 'COVID-19 से ठीक होने के कुछ महीनों के भीतर ही एंटीबॉडीज में कमी आने लगती है.' इससे पता चलता है कि वैक्सीन लगवाना इन लोगों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है, भले ही आपमें कोरोना वायरस के हल्के या गंभीर लक्षण हों.
 

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कोरोना से पहले से संक्रमित लोगों पर वैक्सीन कैसा असर दिखाएगी, इसके बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है क्योंकि इसका ट्रायल अब तक उन्हीं लोगों पर किया गया है जो इस वायरस से संक्रमित नहीं हुए हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिन लोगों को पहले कोरोना हो चुका है, वैक्सीन लगवाने के बाद उनकी इम्यूनिटी और बढ़ जाएगी. इसका मतलब है कि वो लोग वायरस से लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे.
 

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ACIP का कहना है कि अगर आप वैक्सीन लगवाने की सोच रहे हैं और उस बीच आपको कोरोना वायरस हो जाए तो आपको अपना वैक्सीनेशन तब तक के लिए टाल देना चाहिए जब तक कि आप आइसोलेशन पीरियड पूरा नहीं कर लेते और वायरस से पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते. 
 

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