फल सेहत के लिए बहुत अच्छे होते हैं लेकिन डायबिटीज में फलों का सेवन भी बहुत सावधानी के साथ करना चाहिए. डायबिटिक लोगों को हमेशा लो ग्लाइसेमिक वैल्यू वाले फलों का ही सेवन करना चाहिए और हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फलों से बचना चाहिए. ग्लाइसेमिक इंडेक्स का उपयोग यह मापने के लिए किया जाता है कि कोई भी भोजन आपके शुगर के स्तर को कितना तेजी से बढ़ाता है. जीआई जितना अधिक होगा, शुगर पर प्रभाव उतना ही अधिक होगा. बेरीज, ग्रेपफ्रूट, आड़ू, नाशपाती, संतरा और एप्रिकॉट जैसे फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है. वहीं, तरबूज, अनानास, ज्यादा पका केला और आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है.
डायबिटीज के मरीजों को फ्राईड फूड्स से बचना चाहिए. इसमें फैट की मात्रा अधिक होती है. फैट धीरे-धीरे पचता है इसलिए यह ब्लड शुगर में वृद्धि का कारण बन सकता है. डायबिटीज के मरीजों को फ्राईड फूड्स के सेवन से बचना चाहिए.
डायबिटीज से पीड़ित लोगों को मिठाई, चॉकलेट, चीनी वाली ड्रिंक्स और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों से भी बचा चाहिए. अगर आपका मीठा खाने का मन करे तो बेहतर है कि अपने डॉक्टर के परामर्श के आधार पर आप गुड़ और शहद जैसे नैचुरल स्वीटनर से बना कोई खाद्य पदार्थ ही खाएं, वो भी सीमित मात्रा में. इस बीमारी में मिठाइयां मरीजों के लिए जहर के समान हो सकती हैं.
डायबिटीज में लोगों को शराब से बचना चाहिए क्योंकि यह डायबिटीज रोगियों के लिए सबसे खराब खाद्य पदार्थों में से एक है. खाली पेट इसका सेवन करने से आपको ग्लूकोज का स्तर कम होने का खतरा हो सकता है. लोगों के लिए शराब के सेवन से बचना या सीमित करना आवश्यक है क्योंकि अगर आपका शुगर कम हो जाता है तो यह एक खतरनाक स्थिति हो सकती है.