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Paracetamol: 'इन लोगों को संभलकर लेनी चाहिए पैरासिटामोल, बढ़ जाता है जानलेवा बीमारी का खतरा'

किसी के शरीर में दर्द हो रहा हो या फिर तेज बुखार हो. ऐसे में उसे सबसे कॉमन जो मेडिसिन जी जाती है वो है पैरासिटामोल. यह दर्द निवारक और बुखार कम करने वाली काफी दवा है, जिसका उपयोग कई लोग रोजमर्रा में भी करते हैं. पैरासिटामोल पर हुई रिसर्च के मुताबिक, इसके रोजाना सेवन से दिल का दौरा और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है.

(Image credit: Pexels) (Image credit: Pexels)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 09 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 4:23 PM IST
  • पैरासिटामोल पेन किलर और एंटीपायरेटिक दवा है
  • पैरासिटामोल से गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है
  • स्टडी में किया गया है दावा

पैरासिटामोल, दर्द निवारक (एनालजेसिक) और बुखार कम करने वाला (एंटीपायरेटिक) ड्रग है, जिसका उपयोग डॉक्टर की सलाह पर मसल्स दर्द, सिर दर्द, दांत दर्द, मोच, बुखार आदि को कम करने में किया जाता है. कोरोना काल में वैक्सीनेशन के बाद जिन लोगों को बुखार आया था, उन्हें एक्सपर्ट द्वारा पैरासिटामोल लेने की सलाह दी गई थी. 

मार्केट में यह पैरासिटामोल नाम से आती है या फिर कुछ अन्य दवाइयों में यह एक्टिव इंग्रेडिएंट्स के रूप में मौजूद होती है. इसका उपयोग आमतौर पर लोग बिना पूछे भी बुखार या दर्द होने पर कर लेते हैं. लेकिन हाल ही में हुई रिसर्च से चौंकाने वाली बात सामने आई है कि पैरासिटामोल के रोजाना उपयोग से कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. रिसर्चर्स ने डॉक्टरों को भी दिल के दौरे और स्ट्रोक के जोखिम वाले मरीजों को पैरासिटामोल देने से पहले सावधान रहने के लिए कहा है.

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110 मरीजों पर हुई रिसर्च

(Image Credit : Pixabay)

यह रिसर्च एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट द्वारा की गई है. इस स्टडी में जिन ऐसे 110 लोगों को शामिल किया गया था, जिन्हें पहले हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत थी. इन लोगों को दिन में 4 बार 1 ग्राम पैरासिटामोल दिया गया. रिसर्च में पाया गया कि 4 दिन बाद उन लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ गया था और दिल का दौरा या स्ट्रोक आने की संभावना 20 प्रतिशत बढ़ गई थी. 

एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी में चिकित्सीय और क्लिनिकल फार्माकोलॉजी के प्रोफेसर डेविड वेब (David Webb) ने कहा, हम हमेशा से सोचते आ रहे थे कि ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाली आईबुप्रोफेन / इबूप्रोफेन जैसी दवाओं का उपयोग बंद करने के लिए पैरासिटामोल एक सुरक्षित विकल्प है. लेकिन रिसर्च से पता चलता है कि दिल के दौरे या स्ट्रोक के जोखिम वाले मरीजों को पैरासिटामोल देना बंद कर देना चाहिए.
 
रिसर्चर्स ने आगे कहा कि जिन लोगों के शरीर में पुराने दर्द की समस्या है और जिस कारण वे पैरासिटामोल लेते हैं, उन्हें अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए अलग से दवा का इस्तेमाल करना चाहिए. 

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इन लोगों को नहीं है खतरा

प्रोफेसर जेम्स डियर (James Dear) ने कहा, पैरासिटामोल लेने के 2 हफ्ते के अंदर ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है और हाई ब्लड प्रेशर दिल के दौरे और स्ट्रोक जैसे जोखिम का कारण बन सकता है. उन्होंने आगे कहा कि हाई ब्लड प्रेशर आज के समय में काफी आम समस्या हो गई है और हर 3 में से 1 व्यक्ति को इसकी शिकायत है. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे इसका जोखिम भी बढ़ता जाता है. बहुत सारे लोग जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, वे भी पैरासिटामोल ले रहे हैं, लेकिन हमें लगता है कि पैरासिटामोल जनसंख्या के बड़े हिस्से को प्रभावित कर सकती है. 

NHS लोथियन में क्लिनिकल फ़ार्माकोलॉजी और नेफ्रोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. इयान मैकइंटायर (Dr. Iain MacIntyre) ने कहा, जो कभी-कभी पैरासिटामोल लेते हैं, उन्हें चिंता करने की ज़रूरत नहीं है. यह खतरा कभी-कभी पैरासिटामोल का उपयोग कनरे वालों के लिए नहीं है. बल्कि उनके लिए है, जो लंबे समय से इसका प्रयोग करते आ रहे हैं या फिर रोजाना लेते हैं. 

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