
दिल्ली-एनसीआर में वायु की गुणवत्ता बद से बदतर होने वाली है. मौसम विशेषज्ञों ने इसे लेकर चेतावनी भी जारी कर दी है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों की वजह से 4 दिसंबर से 7 दिसंबर तक स्थिति ज्यादा गंभीर होने की आशंका है. फिलहाल, दिल्ली की हवा गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में है.
मंगलवार को शहर में 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 367 था. सोमवार को यह 318 था जबकि रविवार को यह 268 था. बता दें कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच एक्यूआई ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच एक्यूआई ‘सामान्य’, 201 और 300 के बीच एक्यूआई ‘खराब’, 301 और 400 के बीच एक्यूआई ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच एक्यूआई ‘गंभीर’ की श्रेणी में आता है.
पिछले महीने भी दिल्ली में नौ दिन खराब एयर क्वॉलिटी रिकॉर्ड की गई थी. 'एयर क्वॉलिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम फॉर डेली' के मुताबिक, 'मौसम के कारण एयर क्वॉलिटी के बेहद खराब होने की आशंका है. ऐसा लग रहा है कि 4 दिसंबर से 7 दिसंबर तक वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी से गंभीर श्रेणी में पहुंच जाएगी.'
भारत मौसम विभाग में पर्यावरण निगरानी और शोध केंद्र के प्रमुख वी. के. सोनी ने बताया, 4 दिसंबर को वेस्टर्न डिस्टर्बन्स (पश्चिमी विक्षोभ) आने वाला है जिससे हवा की रफ्तार बहुत धीमी रहेगी. हवा की रफ्तार धीमी रहने से प्रदूषक कणों में बढ़ोतरी हो सकती है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मंगलवार को हवा की अधिकतम गति आठ किलोमीटर प्रतिघंटा रही जबकि बुधवार को अधिकतम 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार को न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा. ठंडी और धीमी हवाओं और कम तापमान के कारण प्रदूषक कण धरातल के निकट बने रहते हैं जबकि अनुकूल तेज हवाएं इन्हें छितरा कर अपने साथ उड़ा ले जाती हैं.
मौसम विभाग के वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, शुक्रवार को हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम से बदलकर पूर्व की तरफ मुड़ेगी. इस बदलाव के दौरान, प्रदूषक फंसे रह जाएंगे जिससे हवा की गुणवत्ता और खराब होगी.
पराली जलाने की वजह से भी दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ रहा है. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता निगरानी निकाय के अनुसार, आसपास के राज्यों में पराली जलाने का दिल्ली के पीएम 2.5 प्रदूषक कणों में योगदान मंगलवार को चार फीसदी, सोमवार को सात फीसदी, रविवार को छह फीसदी रहा था.