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पंकज उधास को हुआ था ये जानलेवा कैंसर, जानें लक्षण और बचाव के तरीके

भजन गायक अनूप जलोटा के मुताबिक करीब छह महीने पहले पंकज उधास को कैंसर होने की बात पता चली थी. पंकज को पैंक्रियाज कैंसर था, जो कि बेहद घातक है. उन्होंने बताया, 'मुझे पता चला था कि कैंसर कैसे उन्हें जिंदगी से दूर कर रहा है. मैं कुछ महीनों पहले उनसे मिला भी था. वो बहुत कमजोर हो चुके थे.

Pankaj Udhas dies from pancreatic cancer Pankaj Udhas dies from pancreatic cancer
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 8:58 PM IST

मशहूर गजल सिंगर पंकज उधास का 72 साल की उम्र में निधन हो गया है. मंगलवार को उन्हें अंतिम विदाई दी गई है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पंकज उधास लंबे समय से बीमार चल रहे थे. कुछ समय पहले ही उन्हें पैंक्रियाज कैंसर डिटेक्ट हुआ था. पंकज उधास ने 'चिट्ठी आई है', 'चांदी जैसे रंग है तेरा' और 'ना कजरे की धार' जैसे कई शानदार गानों को अपनी आवाज दी थी. पंकज उधास के अंतिम संस्कार में मशहूर गायक अनूप जलोटा भी आए और उन्होंने नम आंखों के साथ अपने करीबी दोस्त को अंतिम विदाई दी.

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अनूप जलोटा ने पंकज उधास को किाया याद

इस दौरान अनूप जलोटा ने इंडिया टुडे से बातचीत में कई अहम बातें साझा की. उन्होंने बताया कि कैसे पंकज उधास ने गजल को लोगों के घर तक पहुंचाने का काम किया. उन्होंने कहा, 'जो लोग उर्दू नहीं समझते और जिनका गजल से कोई नाता नहीं रहा, उनके लिए भी पंकज उधास ने गजल को बेहद सरल बना दिया. पकंज बहुत ही साधारण और विनम्र स्वभाव के व्यक्ति थे. वो बहुत कम बोलते थे. उन्होंने हमेशा गजल का स्तर उठाने और गजल कलाकारों को बेहतर मंच दिलाने का प्रयास किया.'

पंकज उधास के साथ बिताए कुछ सुनहरे पलों का याद करते हुए अनूप जलोटा ने बताया कि एक बार वह पंकज उधास और तलत अजीज के साथ डिनर पर गए थे. डिनर के दौरान उन्होंने 'खजाना गजल फेस्टिवल' को शुरू करने का फैसला किया था, जहां नए सिंगर्स को बेहतर प्लेटफॉर्म दिया जा सके. तब यह भी तय हुआ था कि इस इवेंट से जुटाए गए पैसों से कैंसर पीड़ियों को मदद पहुंचाई जाएगी. अपना दुख बयां करते हुए अनूप जलोटा ने कहा कि ये बड़ी विडंबना की बात है कि जिस इंसान ने कैंसर पीड़ितों के लिए इतना कुछ किया, उसने खुद इस बीमारी के कारण दम तोड़ दिया.

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पैंक्रियाज कैंसर से जूझ रहे थे पंकज उधास

अनूप जलोटा ने आगे बताया कि उन्हें करीब छह महीने पहले पंकज उधास को कैंसर होने की बात पता चली थी. पंकज को पैंक्रियाज कैंसर था, जो कि बेहद घातक है. उन्होंने बताया, 'मुझे पता चला था कि कैंसर कैसे उन्हें जिंदगी से दूर कर रहा है. मैं कुछ महीनों पहले उनसे मिला भी था. वो बहुत कमजोर हो चुके थे. उनका वजन बहुत कम हो चुका था. इसके बावजूद उन्होंने एक फेस्टिवल में गाया. एक बार उन्होंने मुझे बुलाकर मेरे सहयोग के लिए धन्यवाद भी कहा. इसके बाद मैंने उनसे मिलने की कई बार कोशिश की, लेकिन कोई संपर्क नहीं हो पाया. तब मुझे पता चला कि वो बहुत दर्द में है और किसी भी वक्त हमसे दूर जा सकते हैं.'

पंकज उधास के मिशन को आगे जारी रखेंगे अनूप जलोटा

'ऐसी लागी लगन' फेम गजल सिंगर अनूप जलोटा ने कहा कि अपने दोस्त पंकज उधास के साथ उन्होंने जो मिशन शुरू किया था, उसे आगे भी जारी रखेंगे. अनूप जलोटा ने बताया कि पंकज उधास की बेटी नायाब भी अब उनके साथ जुड़ गई हैं और वे गजल सिंगर्स को प्रमोट करने का प्रयास आगे भी करते रहेंगे.

क्या है पैंक्रियाज कैंसर

पैंक्रियाटिक कैंसर शरीर के अग्नाशय में होता है. बता दें, यह मानव शरीर का सबसे प्रमुख अंग होता है.अग्‍नाशय में कैंसर युक्‍त कोशिकाओं के जन्‍म के कारण पैंक्रियाटिक कैंसर की शुरुआत होती है. इस बीमारी के शिकार ज्यादातर 60 साल से ज्यादा उम्र के लोग होते हैं. यह कैंसर हमारे शरीर में पेट और आंत के बीच होता है. अगर इस शुरुआती स्टेज के बारे में पता न चल पाए तो यह जानलेवा हो जाता है. 

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पैंक्रियाज कैंसर के ये है लक्षण

पैनक्रियाटिक कैंसर से पीड़ित व्यक्ति की त्वचा, आंख और यूरिन का रंग पीला होता है. उसे उल्टियां,जी मिचलाना जैसी शिकायतें रहती हैं. इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को भूख कम लगती है. इस दौरान व्यक्ति का लगातार वजन कम होता रहता है. ऐसे व्यक्ति को हर समय कमजोरी महसूस होती रहती हैं. 

पैंक्रियाज कैंसर से बचने के लिए करें ये काम

पैनक्रियाटिक कैंसर से बचने के लिए व्यक्ति को ताजे फलों का रस और हरी सब्जियों का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए. ऐसा करने से अग्नाशय कैंसर से लड़ने में लाभ लाभ मिलता है. इस बीमारी से बचे रहना चाहते हैं तो अपने आहार में कम से कम मात्रा में रेड मीट और वसा वाले आहार को शामिल करें. शराब या धूम्रपान का सेवन नहीं करना चाहिए. ब्रोकली का सेवन करना चाहिए. इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल्स से, कैंसर की कोशिकाओं से लड़ने में मदद मिलती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट खून को साफ रखने में भी मदद करती है.

इनपुट: सना फरजीन

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