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53 की उम्र, फिटनेस भी भरपूर... कैसे कार्डियक अरेस्ट का शिकार हो गए केके? डॉक्टरों ने बताया कब हो जाएं अलर्ट

सिंगर केके की 53 साल की उम्र में मौत की खबर से हर कोई सदमे में है. सोशल मीडिया पर उनके फैंस नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. कोलकाता में एक लाइव कंसर्ट के दौरान अचानक उनकी तबियत खराब होने लगी थी. डॉक्टर्स का कहना है कि केके को कार्डियक अरेस्ट आया था. फिलहाल असली वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

कार्डियक अरेस्ट से हुई सिंगर केके की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई सिंगर केके की मौत
तेजश्री पुरंदरे
  • नई दिल्ली,
  • 01 जून 2022,
  • अपडेटेड 3:08 PM IST
  • मशहूर सिंगर केके का निधन
  • 53 साल की उम्र में हुई मौत
  • कार्डियक अरेस्ट से गई जान

मशहूर सिंगर केके की अचानक हुई मौत से हर कोई हैरान है. कोलकाता में एक लाइव कंसर्ट के दौरान केके की तबियत अचानक खराब हुई. कहा जा रहा है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही वो दम तोड़ चुके थे. केके की मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मालूम पड़ेगी लेकिन डॉक्टर्स के मुताबिक उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था. कार्डिएक अरेस्ट में दिल अचानक काम करना बंद कर देता है. 53 साल की उम्र में भी केके बिल्कुल फिट और युवा दिखते थे. ऐसे में उनके कार्डियक अरेस्ट की मौत की खबर से हर कोई सदमे में है. शो के दौरान ही केके को सीने में दर्द और बेचैनी महसूस होने लगी थी. अस्पताल ले जाते हुए उनका ये आखिरी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.

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युवा हो रहे हार्ट अटैक का शिकार- केके से पहले भी कई सेलिब्रिटीज कम उम्र में ही हार्ट अटैक का शिकार हो चुके हैं. पिछले साल 29 अक्टूबर को साउथ के सुपरस्टार पुनीत राजकुमार की मौत भी हार्ट अटैक से हुई थी. उनकी उम्र भी महज 46 साल थी. एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला का निधन भी पिछले साल 2 सितंबर को हार्ट अटैक से ही हुआ था. 40 साल में हुई उनकी मौत ने भी हर किसी को हैरान कर दिया था. लोगों को यकीन नहीं हो रहा कि ऊपर से इतने फिट दिखने वाले लोगों को भी दिल का दौरे आ सकता है. हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिट बॉडी होने का मतलब ये नहीं है कि आप का दिल भी पूरी तरह स्वस्थ है. 

क्यों अचानक आता है कार्डियक अरेस्ट- अचानक कार्डियक अरेस्ट में दिल का काम करना बंद कर देता है, सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगती है और बेहोशी आने लगती है. दिल के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में गड़बड़ी होने की वजह से ये स्थिति बन जाती है. इसकी वजह से हृदय की पंपिंग क्रिया बाधित होती है और शरीर में ब्लड फ्लो रुक जाता है. कार्डियक अरेस्ट हार्ट अटैक से अलग होता है. हार्ट अटैक में दिल के एक हिस्से में खून पहुंचना बंद हो जाता है जबकि कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक काम करना बंद कर देता है. हालांकि, हार्ट अटैक कभी-कभी इलेक्ट्रिकल सिस्टम में गड़बड़ी को ट्रिगर कर सकता है जिससे अचानक कार्डियक अरेस्ट हो जाता है.

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कार्डियक अरेस्ट के लक्षण- कार्डियक अरेस्ट आने के कुछ खास लक्षण हैं. जैसे अचानक गिर जाना, पल्स चलना बंद हो जाना, सांस रुक जाना या सांस लेने में कठिनाई, बेहोशी, सीने में बेचैनी, कमजोरी महसूस होना, सीने में दर्द और धड़कन का अनियमित हो जाना है. हालांकि अचानक आए कार्डियक अरेस्ट में कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं. बत्रा हार्ट सेंटर के चेयरमैन और डॉक्टर उपेंद्र कॉल ने खास बातचीत में कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक से जुड़ी कई अहम बातें बताई हैं. डॉक्टर उपेंद्र के मुताबिक इस तरह की घटनाएं 35-40 की उम्र में भी देखने को मिलती है. उन्होंने इसके कुछ रिस्क फैक्टर भी बताए हैं.

1. सिगरेट पीना
2.खराब कोलेस्ट्रॉल
3. हाई ब्लड प्रेशर
4. मधुमेह
5. मानसिक और सामाजिक तनाव
6. वर्क आउट नहीं करना
7. ओबेसिटी यानी मोटापा
8. सब्जी और फल बेहद कम खाना
9. शराब पीना
यह 9 बड़े कारक है जो 90% हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट के लिए जिम्मेदार होते हैं. इनमें से दो या दो से ज्यादा रिस्क फैक्टर होने पर हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है.

पर्फॉर्मेंस के दौरान केके लगातार गर्मी लगने की शिकायत कर रहे थे, क्या ये भी सिंप्टम्स हैं- डॉक्टर उपेंद्र का कहना है कि गर्मी होना एक मात्र कारण नहीं हो सकता लेकिन हार्ट अटैक के जो लक्षण होते हैं उसमें बेचैनी, चक्कर आना, कमज़ोरी महसूस होना, पसीना आना, उल्टी जैसा लगना भी होता है.

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क्या उनमें हार्ट की बीमारी की पहले से कोई हिस्ट्री रही होगी?- डॉक्टर के मुताबिक, हार्ट हिस्ट्री होगी या नहीं, कह पाना मुश्किल है लेकिन हो सकता है कि कोई न कोई रिस्क फैक्टर रहा हो.

अगर पहले हार्ट की परेशानी के सिम्पटम्स दिखे हैं तो ऐसे लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?- डॉक्टर उपेंद्र ने कहा, 'हर एक व्यक्ति को अपना ईयरली चेकअप करवाना चाहिए. हर व्यक्ति को अपने ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल लेवल की नियमित रूप से जांच की जानी चाहिए. अगर यह ज्यादा है तो तुरंत इसका इलाज शुरू कर देना चाहिए. ब्लड प्रेशर 130-80 से कम रहे तो ज्यादा अच्छा है. कोलेस्ट्रॉल जितना कम रहे और शुगर भी  कम रहे तो बेहतर है. इस तरह की बीमारियों से बचने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए. चाहे साइकिल चलाना हो या फिर तेज दौड़ लगाना, रोज 30 से 40 मिनट एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है. 

ज्यादा एक्सरसाइज से भी बढ़ता है खतरा- जरूरत से ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी के कारण ऐसा होता है. यदि कोई व्यक्ति पूरे महीने की एक्सरसाइज 1 दिन में करता है तो वह बिल्कुल अच्छी बात नहीं है. एक्सरसाइज रेगुलर होनी चाहिए, कितनी होनी चाहिए, यह व्यक्ति के रिस्क फैक्टर के ऊपर निर्भर करता है. अगर वह 50 या 55 साल की उम्र में पहली बार एक्सरसाइज कर रहे हैं तो उन्हें जनरल मेडिकल चेकअप करवा लेना चाहिए.

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