
21वीं सदी की भागती-दौड़ती जिंदगी में सोशल मीडिया की दीवानगी भी लोगों के बीच बढ़ रही है. सोशल मीडिया में लोग यूट्यूब से ज्यादा अब इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहना पसंद करते हैं. वजह इंस्टाग्राम रील्स के लिए बढ़ता उनका क्रेज है. शायद ही कोई होगा, जो रील्स की दुनिया से अनजान है. रील्स एक तरह के शॉर्ट वीडियो होते हैं जिनकी तरफ ज्यादातर युवा और मध्यम आयु वर्ग के लोग आकर्षित होते हैं. यह उनके इंस्टेंट एंटरटेनमेंट का साधन बनती हैं और वे लोग इन्हें बिना रुके देखना पसंद करते हैं.
रात में रील्स देखने का हाइपरटेंशन से सीधा कनेक्शन?
आलम यह है कि बच्चे रात-रात भर घंटों तक रील्स देखते रहते हैं, जो उनकी आंखों के साथ ही उनके स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है. बीएमसी में हाल ही में एक केस का अध्ययन किया गया, जिससे एक शॉकिंग खुलासा हुआ है. दरअसल, इस स्टडी में पता चला है कि इस वर्ग के युवाओं को रात में रील्स देखने से हाइपरटेंशन की समस्या हो सकती है. सीधे शब्दों में कहें तो रात में रील्स देखने के साथ हाइपरटेंशन का सीधा कनेक्शन बताया गया है.
हृदय संबंधी हो सकती है परेशानी
यह स्टडी चीन के 4,318 युवाओं पर की गई थी. इसे करने के पीछे का उद्देश्य इस बात को पता लगाना था कि क्या सोते समय स्क्रीन पर बिताए गए समय और युवाओं के ब्लड प्रेशर लेवल, खास तौर पर हाइपरटेंशन के बीच कोई कनेक्शन है या नहीं. स्टडी में यह पता लगा कि सोने से पहले शॉर्ट वीडियो देखने में ज्यादा समय बिताने वाले युवाओं में हाइपरटेंशन की समस्या होती है. स्टडी के बाद दी गई रिपोर्ट में बताया गया कि यह संबंध खतरनाक है क्योंकि इससे हृदय संबंधी बीमारियां भी होती हैं.
करें ये उपाय
बेंगलुरु के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक कृष्णमूर्ति ने इस स्टडी के रिजल्ट को यह कहकर उजागर किया कि शॉर्ट वीडियो की लत न केवल डिस्ट्रैक्शन पैदा करती है बल्कि ब्लड प्रेशर बढ़ाने में भी मदद करती है. उन्होंने उन एप्स को अनइंस्टॉल करना भी रिकमेंड किया, जो देर रात तक स्क्रीन पर समय बिताने का कारण बनते हैं. अगर आप ऐसा करते हैं तो आपका हाइपरटेंशन से पीड़ित होने का खतरा कम होता है.