
लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है. मस्तिष्क के बाद लिवर शरीर का दूसरा सबसे बड़ा और जटिल अंग है. लिवर का मुख्य काम शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालना है. इसके अलावा लिवर डाइजेशन, मेटाबॉलिज्म सही करना और पोषक तत्वों का भंडारण करना जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य करता है. इसलिए लिवर को हेल्दी रखना काफी जरूरी होता है, नहीं तो लिवर की खराब हेल्थ का असर पूरी सेहत पर पड़ता है.
कुछ गलत आदतों के कारण लिवर पर गलत असर पड़ता है, जिससे लिवर कमजोर होने लगता है. हालांकि, लिवर खुद को ठीक कर सकता है, लेकिन कुछ गलत आदतों के कारण लिवर की खुद को रिपेयर करने की क्षमता कम हो जाती है. इसलिए लिवर को स्वस्थ रखने के लिए नीचे बताई हुई कुछ आदतों को छोड़ना ही बेहतर होगा.
1. शुगर (Sugar)
बहुत अधिक चीनी सिर्फ आपके दांतों के लिए ही खराब नहीं है, बल्कि यह लिवर के लिए भी काफी नुकसानदायक है. फैट बनाने के लिए लिवर फ्रक्टोज नामक चीनी का उपयोग करता है. अगर बहुत अधिक मात्रा में प्रोसेस्ड यानी सफेद चीनी और हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप का सेवन करेंगे, तो लिवर में समस्या पैदा हो सकती है.
Webmd के मुताबिक, स्टडीज ये भी बताती हैं कि चीनी लिवर के लिए शराब की तरह हानिकारक हो सकती है, भले ही आपका वजन अधिक न हो. इसके लिए पेस्ट्री, केक, चीनी वाली ड्रिंक और मीठे उत्पादों का कम से कम सेवन करें. कुछ लोग चाय में भी काफी चीनी डालकर पीते हैं, उसकी मात्रा को भी कम करें.
2. हर्बल सप्लीमेंट (Herbal Supplements)
मार्केट में मिलने वाले हर्बल सप्लीमेंट जिन पर लिखा रहता है 'प्राकृतिक सप्लीमेंट' भी लिखा होता है, वे लिवर को काफी नुकसान पहुंचाते हैं. Webmd के मुताबिक, कुछ स्टडीज से पता चलता है, हर्बल सप्लीमेंट लिवर को सही तरह से काम करने से रोक सकते हैं. इनके सेवन से हेपेटाइटिस और लिवर फेल जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसी कारण कुछ देशों ने जड़ी-बूटियों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है. कोई भी हर्बल सप्लीमेंट या जड़ी-बूटी लेने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए.
3. ज्यादा खाना और मोटापा
शरीर का अधिक वजन या जमा हुआ अतिरिक्त फैट लिवर की कोशिकाओं में जमा हो सकता है और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज का कारण बन सकता है. जिसके कारण लिवर में सूजन आ सकती है. समय के साथ लिवर में आई सूजन लिवर के टिश्यूज को सख्त बना देती है, जिसे डॉक्टरी भाषा में सिरोसिस कहते हैं. यदि आपका वजन अधिक है, तो सिरोसिस का जोखिम अधिक होता है, इसलिए डाइट और एक्सरसाइज से वजन कम करने की कोशिश करें.
4. सॉफ्ट ड्रिंक (Soft Drinks)
रिसर्च से पता चलता है कि जो लोग बहुत अधिक सॉफ्ट ड्रिंक पीते हैं, उनमें नॉन-अल्कोहल फैटी लीवर रोग होने की संभावना अधिक होती है. लेकिन रिसर्च में इसके प्रमाण नहीं मिले हैं कि सॉफ्ट ड्रिंक से ही लिवर कमजोर होता है. लेकिन अगर सावधानी के तौर पर भी सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन कम करते हैं, तो लिवर को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है.
5. ट्रांस फैट (Trans Fats)
ट्रांस फैट डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों और बेक किए गए उत्पादों में पाया जाता है. यह मानव निर्मित फैट होता है, जो निश्चित तापमान पर जाकर जम जाता है. ट्रांस फैट वाले फूड्स का सेवन करने से वजन बढ़ जाता है, जिससे लिवर में सूजन हो सकती है. जिन उत्पादों में ‘0’ ट्रांसफैट लिखा होता है, उनमें भी इसकी कुछ मात्रा हो सकती है.