
अमेरिका समेत कई देशों में बर्ड फ्लू के काफी मामले दर्ज किए गए हैं. अन्य देशों को लेकर भी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में अलर्ट भी जारी किया था. भारत में भी हर साल बर्ड फ्लू के कई मामले दर्ज किए जाते हैं. अबतक यह माना जाता था कि ये फ्लू पक्षियों को ही अपना शिकार बनाता है, लेकिन भारत के लिए इससे जुड़ी एक बुरी खबर सामने आई है. दरअसल, इस साल बर्ड फ्लू का इंसानों में संक्रमण का पहला मामला पश्चिम बंगाल से आया है.
4 साल के बच्चे में पाया गया बर्ड फ्लू का संक्रमण
WHO के मुताबिक, H9N2 वायरस के चलते होने वाले बर्ड फ्लू से 4 साल का एक बच्चा संक्रमित पाया गया है. फरवरी महीने में मरीज को सांस लेने में तकलीफ, बुखार और पेट में तेज दर्द के चलते लोकल अस्पताल के एक पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में एडमिट कराया गया था. तीन महीने के इलाज के बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया था.
मरीज के परिवार और उनसे जुड़े अन्य लोगों में नहीं बर्ड फ्लू के लक्षण
WHO की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, मरीज अपने घर और आसपास मौजूद पोल्ट्री फार्म्स के संपर्क में आ गया था. अच्छी बात ये है कि उसके परिवार और उनसे जुड़े अन्य लोगों में सांस लेने में कोई तकलीफ नहीं देखी गई. स्वास्थ्य संगठन ने आगे बताया कि मामले की रिपोर्टिंग के वक्त वैक्सिनेशन की स्थिति और एंटीवायल ट्रीटमेंट की डिटेल्स उपलब्ध नहीं थीं.
बता दें कि बर्ड फ्लू से एक व्यक्ति की मौत का मामला भी सामने आ चुका है. कुछ दिनों पहले मेक्सिको के 59 वर्षीय एक व्यक्ति की इस फ्लू से संक्रमण के बाद मत्यु हो गई थी. इस फ्लू के चलते इंसानी मौत का ये पहला मामला है. हालांकि, WHO का यह भी कहना है कि इस व्यक्ति में किडनी क्रोनिक डिसीज , टाइप-2 डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों का इतिहास रहा है. 17 अप्रैल को बर्ड फ्लू के संक्रमण के लक्षण दिखने से पहले मरीज 3 हफ्ते तक बेड पर था. 24 अप्रैल को वह अस्पताल लाया गया. जहां कुछ देर बाद उसी दिन उसकी मृत्यु हो गई.
इंसानों में बर्ड फ्लू के संक्रमण का अब तक दूसरा केस
भारत में इंसानों में पाए गए H9N2 बर्ड फ्लू के संक्रमण का यह दूसरा मामला है. पहला केस साल 2019 में सामने आया था. WHO के अनुसार, H9N2 वायरस के माइल्ड इलनेस की स्थिति आ सकती है. साथ ही आगे चलकर इंसानों में बर्ड फ्लू के ,संक्रमण के एकाध मामले आ सकते हैं. बर्ड फ्लू विभिन्न क्षेत्रों में चलने वाले संक्रमित पोल्ट्री या फिर दूषित वातारण के चलते पैदा होने वाले एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस से होता है.