अब तक लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले चुका कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तेजी से अपने पैर पसार रहा है. मौसम के करवट लेते ही मच्छरों की भी वापसी हो गई है. अब ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल पनप रहा है कि क्या कोविड-19 मच्छरों के जरिए भी फैल सकता है.
संक्रमित व्यक्ति का खून चूसने के बाद यदि मच्छर किसी स्वस्थ्य व्यक्ति को काट ले तो कोरोना वायरस फैलेगा या नहीं? इस पर डॉक्टर्स की स्पष्ट राय सामने आई है.
न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्लूयू) हेल्थ पैथोलॉजी की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में हर साल तकरीबन 5 लाख लोगों की मौत मच्छरों द्वारा फैलाए गए संक्रमण के कारण होती है.
हालांकि, अभी तक ऐसा एक भी साक्ष्य सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर ये दावा किया जा सके कि कोरोना वायरस मच्छरों के काटने से फैल सकता है.
डॉक्टर कैमरन वैब ने अपनी इस रिपोर्ट में दावा किया है कि मच्छरों से कोरोना वायरस नहीं फैलता है. यह एक रेस्पिरेटरी वायरस है, जो छींक या खांसी से एक से दूसरे में फैलता है.
कैमरन ने बताया कि मच्छर केवल डेंगू, येलो फीवर, चिकनगुनिया, रोज रिवर और जीका वायरस फैला सकते हैं. लेकिन कुछ वायरस उनकी पकड़ से बाहर होते हैं.
कोरोना वायरस के अलावा एचआईवी और इबोला भी ऐसे ही वायरस हैं जो मच्छरों के काटने से नहीं फैलते हैं.
कैसे फैलता है कोरोना वायरस?-
सीडीसी (सेंट्रल फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन, यूएस) के मुताबिक, ये वायरस ज्यादातर एक-दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है.
खांसते या छींकते वक्त यदि किसी संक्रमित के ड्रॉपलेट्स स्वस्थ व्यक्ति पर गिर जाएं तो वह कोरोना वायरस का शिकार हो सकता है.
यह महामारी ज्यादा जानलेवा इसलिए भी है क्योंकि यह सरफेस के जरिए भी बड़ी आसानी से फैल सकती है. यानी किसी संक्रमित व्यक्ति के ड्रॉपलेट्स जमीन, प्लास्टिक या स्टील जैसी धातुओं पर गिरने के बाद भी स्वस्थ व्यक्ति को चपेट में ले सकते हैं.
इस वायरस का असर हवा में भी तकरीबन 3 घंटे तक रहता है. राहत की बात ये है कि सतह पर रहने वाले इस वायरस को इथेनॉल, हाइड्रोजन-पेरोक्साइड या ब्लीच से बने क्लीनर से मारा जा सकता है.