कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से पूरी दुनिया परेशान है. किसी को समझ नहीं आ रहा कि आखिर इस महामारी पर कैसे लगाम लगाई जाए. इस रोकना एक चुनौती बनता जा रहा है. हालांकि हाइजीन, सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के जरिए इसे फैलने से रोकने की कोशिश की जा रही है.
लॉकडाउन में रहना, इसके नियमों का पालन करना आसान नहीं है. अगर आपने अपनी कुछ आदतें नहीं बदली तो लॉकडाउन में रहने के बावजूद आप कोरोना वायरस का शिकार हो सकते हैं. आइए जानते हैं कौन सी है वो आदतें.
होम डिलीवरी सर्विस
अगर आप घर में बैठकर बाहर से सामान मंगवा रहे हैं और ये सोच रहे हैं कि यह पूरी तरह सुरक्षित हैं तो आप गलत हैं. ऑनलाइन डिलीवरी में सामान पैकिंग से लेकर डिलीवरी ब्वॉय तक कई लोगों के संपर्क में आता है, ऐसे में डिलीवरी को लेकर भी सतर्क रहें. सामान लेने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं. पैकिंग को कूड़े में फेंक दें.
कपड़े ना बदलना
लॉकडाउन के दौरान भी लोगों को जरूरत का सामान खरीदने की छूट है. ऐसे में लोग कुछ समय के लिए घरों से बाहर निकलते हैं. अगर आप भी ग्रोसरी स्टोर पर सामान खरीदने जाते हैं और वापस आकर कपड़े नहीं बदलते हैं तो यह आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. अगर आप खुद सुपरमार्केट में काम करते हैं तो ये आपके लिए और भी जरूरी हो जाता है. घर पर आते ही पहने हुए कपड़ों को तुरंत धोने के लिए डाल दें. अच्छा होगा कि आप इसके बाद नहा लें.
घर के किसी सदस्य में लक्षण दिखने पर अनदेखी
एक स्टडी में ये बात सामने आई है कि चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के कई ऐसे मामले थे जिनमें संक्रमण घर के ही किसी सदस्य से फैला. अगर घर के किसी सदस्य में कोरोना वायरस के लक्षण दिख रहे हैं तो उसे आइसोलेट करें. करीबी दोस्तों में भी संक्रमण के लक्षण हैं तो उनसे भी दूरी बनाकर रखें.
फोन को साफ न करना
लॉकडाउन में ज्यादातर लोगों के लिए समय काटने का जरिया उनका फोन ही है. फोन में भी वायरस चिपकने का खतरा रहता है जो आप तक पहुंच सकता है. फोन कई लोगों के हाथों में जाता है, ऐसे में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है. अगर आप भी अपना फोन साफ नहीं करते हैं तो इस आदत को बदल लें.
पड़ोसियों से मिलना
लॉकडाउन का मतलब ये नहीं है कि आप अपने घर पर दोस्तों या पड़ोसियों की भीड़ इकठ्ठी कर लें. सोशल डिस्टेंसिंग का सीधा मतलब है कि लोगों से एक निश्चित दूरी बनाकर रखना क्योंकि कोरोना वायरस एक-दूसरे के संपर्क में आने से तेजी से फैलता है. आप चाहें तो अपनी बालकनी से या छत से लोगों से बात कर सकते हैं लेकिन इस समय लोगों को अपने घर बुलाया या उनसे मिलने जाना सही नहीं है.