कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोग बिना डॉक्टर के परामर्श के ही कई तरीकों को आजमा रहे हैं. FSSA ने कुछ समय पहले ही विटामिन-सी को इम्यूनिटी के लिए बेहतर बताया था. लेकिन अब फूड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने इसकी ज्यादा डोज को लेकर आगाह किया है.
FDA उन फर्म्स के खिलाफ कार्रवाई कर रही है जो विटामिन-सी टेबलेट के हाई डोज
बेच रही है. FDA का दावा है कि कुछ कंपनियां 1,000mg की टेबलेट बना रही
हैं, जबकि उन्हें सिर्फ 500mg की टेबलेट बनाने की ही अनुमति है. FDA के ज्वॉइंट कमिशनर सुनील भारद्वाज ने बताया कि विटामिन-सी के हाई डोज से
लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है. इसी वजह से हम कुछ कंपनियों के
खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं.
सुनील
भारद्वाज ने बताया कि लोग डॉक्टर्स की सलाह लिए बगैर ही परिवार और दोस्तों
की बातों में आकर ये दवाइयां खरीद रहे हैं. बता दें कि कोरोना वायरस फैलने
के बाद से ही डॉक्टर्स लोगों को इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के लिए विटामिन-सी
लेने की सलाह दे रहे हैं. इस वजह से विटामिन-सी की दवाओं की मांग बाजार में
काफी ज्यादा बढ़ गई है.
दवाओं की तेजी से मांग बढ़ाने के बाद इसकी
मैनुफैक्चरिंग भी तेजी से की जा रही है. जबकि ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ
मेडिकल रिसर्च) ने विटामिन-सी जैसी दवाओं के लिए 40mg प्रतिदिन के हिसाब से
अपना RDA निर्धारित किया हुआ है. हालांकि कुछ कंपनियां 1000mg के टैबलेट
बना रहे थीं और ग्राहक डोज का पर्सेंटेज जाने बिना ही उन्हें खरीद रहे थे.
मुंबई
स्थित कलसेकर कोविड अस्पताल की सीईओ डॉक्टर आफरीन सौदागर का कहना है,
'आमतौर पर हम महिलाओं को प्रतिदिन विटामिन-सी की 90mg की टैबलेट लेने की
सलाह देते हैं, जबकि पुरुषों को 100mg की टैबलेट लेने के लिए कहा जाता है.
मुझे लगता है कि इसमें 500mg से ज्यादा का डोज देने की जरूरत ही नहीं है.
रोजाना 1,000mg की दवा लेना भी ठीक है, लेकिन ये डोज अलग-अलग व्यक्तियों पर
निर्भर करता है.'
ठाणे के डॉक्टर आदित्य सदावर्ते कहते हैं कि
100mg की टैबलेट प्रतिदिन के हिसाब से काफी है. विटामिन-सी की गोलियां पानी
में घुलनशील होती हैं और इसलिए वो हानिकारक नहीं होती हैं. लेकिन इसकी
1,000mg की दवा की जरूरत ही नहीं है और यह काफी हाई डोज भी है. लोग किसी भी
अच्छे ब्रांड की 100mg तक की दवा खरीद सकते हैं. सर्जरी से रिकवर होने
वाले मरीज को भी हम 500mg तक की टैबलेट लेने की सलाह देते हैं.
एफडीए
द्वारा कोविद -19 उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के काला बाजारी के
खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के बाद, वे यह भी जांच रहे हैं कि क्या
विटामिन-सी की गोलियां बनाने वाली कंपनियां उन्हें उच्च दाम पर या तय सीमा
से बाहर बेची जा रही हैं. डॉक्टर्स ने कहा "हमने भिवंडी के एक स्टोर से
खजूर और सामग्री के डुप्लिकेट लेबल के साथ विटामिन सी की गोलियां पाई हैं.
इस मामले की जांच कर रहे हैं."
FDA ने खराब क्वालिटी का सैनिटाइजर
बनाने वाली और बेचने वाली महाराष्ट्र की कल 83 फर्म्स के खिलाफ भी एक्शन
लिया है. इस दौरान 2.59 करोड़ की संपत्ति और 38.54 लाख रुपये के सैनिटाइजर
जब्त किए गए हैं. इसके अलावा मास्क और सैनिटाइजर पर ग्राहकों से भारी रकम
वसूलने वाले 50 से ज्यादा डिस्ट्रिब्यूटर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया
है.