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कहीं आप तो नहीं अल्जाइमर के शिकार! इस चमत्कारिक दवा से इलाज होगा संभव

अब तक अल्जाइमर की कोई ऐसी दवा नहीं थी जो मरीज को पूरी तरह ठीक कर दे. पर अब शोधकर्ताओं ने इसके इलाज का पता लगा लिया है.

अल्‍जाइमर में सोचने की क्षमता कम होती जाती है अल्‍जाइमर में सोचने की क्षमता कम होती जाती है
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:39 AM IST

अल्‍जाइमर एक दिमागी बीमारी है. इसमें धीरे-धीरे याद्दाश्त और सोचने की क्षमता कम होती जाती है. अल्जाइमर से पीड़ित व्यक्ति आसानी से काम भी नहीं कर पाते. अब तक अल्जाइमर की कोई ऐसी दवा नहीं थी जो मरीज को पूरी तरह ठीक कर दे. पर अब शोधकर्ताओं ने इसके इलाज का पता लगा लिया है.

शोधकर्ताओं ने जिस दवा की खोज की है वो याददाश्त जाने, तंत्रिका क्षति और अल्जाइमर रोग के अन्य लक्षणों से बचा सकती है. प्रीक्लिनिकल शोध को जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी एंड एक्सपेरीमेंटल थेरेप्यूटिक्स में प्रकाशित किया गया है. इसमें पाया गया है कि दवा-बीपीएन14770-अमलॉइड बीटा के प्रभावों को रोकती है. अमलॉइड बीटा, अल्जाइमर प्रोटीन का हॉलमार्क है, जो तंत्रिका कोशिकाओं के लिए विषाक्त होता है.

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टेट्रा थेरेप्यूटिक्स के विकास के तहत बीपीएन14770 उन प्रक्रियाओं को सक्रिय करने में मदद कर सकती है जो तंत्रिका के स्वास्थ्य में सहयोग करती हैं और डिमेंशिया को रोकती है.

बुफालो यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर शोधकर्ता यिंग जू ने कहा, "इस तरह के अवलोकन का मतलब है कि अल्जाइमर पैथोलॉजी को कुछ हद तक मस्तिष्क द्वारा कुछ हद तक बर्दाश्त किया जा सकता है, ऐसा प्रतिपूरक प्रक्रिया के कोशिकीय और सिनेप्टिक स्तर पर चलने की वजह से है."

जू ने कहा, "हमारे नए शोध के अनुसार, बीपीएन14770 मल्टीपल बॉयोलॉजिकल प्रक्रियाओं को सक्रिय करने में सक्षम हो सकती है, ये प्रक्रियाएं दिमाग को याददाश्त की कमी, तंत्रिका संबंधी क्षति और बॉयोकेमिकल हानि से रोकती हैं.

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