पूर्वोत्तर भारत का रंग और रूप बिल्कुल जुदा है. हर किसी का सपना होता है कि एक
बार यहां की सैर कर ले. अगर आप वाकई बिल्कुल अनोखा अनुभव लेना चाहते
हैं तो इस गर्मी की छुट्टी में मेघालय जरूर घूमें. मेघालय के नाम का मतलब ही है- बादलों का घर.
यहां हर वक्त आपको आसमान बादलों से घिरा
हुआ ही मिलेगा.
हम आपको बता रहे हैं कि आप ये ट्रिप बिना किसी गाइड या टूर पैकेज के कैसे कर सकते हैं.
मेघालय की ट्रिप को तीन हिस्सों शिलॉन्ग, चेरापूंजी और मॉलिनॉन्ग में बांटा जा सकता है. आप 5-7 दिन में मेघालय घूम सकते हैं.
कैसे जाएं?
अगर आप फ्लाइट से जाना चाहते हैं तो राजधानी शिलॉन्ग के लिए फ्लाइट्स हैं.
कोलकाता और दिल्ली से शिलॉन्ग के लिए डायरेक्ट फ्लाइट हैं. इस फ्लाइट का
खर्च करीब 7000-8000 रुपये रहेगा. शिलॉन्ग शहर एयरपोर्ट से 30 किमी दूर है और आप
एक घंटे के भीतर पहुंच जाएंगे.
नई दिल्ली से आप गुवाहाटी के लिए भी फ्लाइट बुक कर सकते हैं. इसमें आपको
करीब 3000-5000 के बीच खर्च आएगा. गुवाहाटी से मेघालय बहुत दूर नहीं है.
गुवाहाटी एयरपोर्ट पहुंचने के बाद आपको टैक्सी स्टैंड दिखेगा. यहां से आपको कई कैब मिल जाएंगी जो आपको शिलॉन्ग (पुलिस बाजार एरिया) तक पहुंचा देंगी. अगर आप कैब रिजर्व करके जाते हैं तो यह आपको 2000 रुपए तक पड़ेगा. आप कैब शेयर भी कर सकते हैं जिसमें 4 लोगों को अलग-अलग 500 रुपए चुकाने पड़ते हैं. गुवाहाटी एयरपोर्ट से शिलॉन्ग पहुंचने में आपको करीब 3 घंटे लगेंगे.
गुवाहाटी जाने के लिए कई सारी ट्रेनों का विकल्प मौजूद है जो यूपी, बिहार और दिल्ली से होकर गुजरती हैं. आप इन विकल्पों को देख सकते हैं लेकिन ट्रेन का सफर थोड़ा लंबा हो सकता है.
आप शिलॉन्ग शहर 1000 रुपए में घूम सकते हैं. अगर उमियम लेक जाना चाहते हैं तो इसमें करीब 1500 रुपए खर्च होगा. यह झील शहर से 20 किमी दूर है. इसके अलावा डॉन बोस्को म्यूजियम और चर्च, शिलॉन्ग पीक भी जरूर देखने जाएं. अपना आईडी कार्ड भी साथ में रखें क्योंकि यह इलाका सैन्य बलों का है. वैसे उमियम लेक है बहुत खूबसूरत.
तीसरा दिन-
पुलिस बाजार में बस स्टैंड के नजदीक मेघालय टूरिजम सेंटर है. यहां से आप
चेरापूंजी घूमने के लिए 350 रुपए में सरकारी बस बुक कर सकते हैं. यह आपको
माकडोक वैली व्यूपॉइंट, इको पार्क, मासमाई केव्स, मोटरॉप रॉक, थांकखारंग
पार्क, रामकृष्ण मिशन म्यूजियम, नोहकलीकाई फॉल्स
और सेवन सिस्टर्स फॉल्स ले जाएगी. बस का टूर आपके पैसे बचा सकता है
क्योंकि लोकल साइट सीइंग आपको करीब 2000 रुपए तक पड़ेगा. यहां के वाटरफॉल्स
आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं. चेरापूंजी में भी आपको 1500-2000 के बीच
रूम्स मिल जाएंगे.
पांचवां दिन-
चेरापूंजी से अगला पड़ाव मॉलिनॉन्ग था जो चेरापूंजी से 81 किमी दूर है और वहां पहुंचने में 3 घंटे का वक्त लगता है. इसे एशिया का सबसे स्वच्छ गांव के तौर पर जाना जाता है. आपको यहां पहुंचने के लिए आपको कैब बुक करनी होगी क्योंकि यहां के लिए सीधा पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं है. कैब आपसे 2500 रुपए तक वसूलेंगे. अगर आपके पास ज्यादा वक्त नहीं है तो आप मॉलिनॉन्ग और दाकी एक ही दिन में निपटा सकते हैं और इसके बाद शिलॉन्ग लौट सकते हैं. इस गांव में आपको नाइटस्टे जरूर करना चाहिए. यहां भी आपको 1500 के भीतर कमरे मिल जाएंगे. मॉलिनॉन्ग से दाकी करीब 35 किमी दूर है और आपको पहुंचने में 1 से 1.30 घंटे का वक्त लग जाएगा.
छठवां दिन-
मॉलिनॉन्ग से सुबह 6.30 बजे एक सूमो दाकी के लिए जाती है. आप 1000 रुपए तक में प्राइवेट कैब भी बुक कर सकते हैं. दाकी नदी में आप 500 रुपए देकर बोटिंग भी कर सकते हैं. इस नदी की तलहटी भी आप देख पाएंगे. आप यहां बांग्लादेश पोस्ट तक भी जा सकते हैं लेकिन इसके लिए बीएसएफ की परमिशन चाहिए.
आप दाकी से शिलॉन्ग तक शेयर सूमो से 150-250 तक रुपए तक में जा सकते हैं. शिलॉन्ग से आप वापस गुवाहाटी एयरपोर्ट से अपने गंतव्य स्थान जा सकते हैं. अगर आपके पास वक्त ज्यादा हो तो आप असम के कामाख्या मंदिर भी घूम सकते हैं.