मनोज मुंतशिर ने फारूक अब्दुल्ला के महाकुंभ संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला उम्रह करने गए तब सेक्युलर नहीं थे. मुंतशिर ने सेक्युलरिज्म को विदेशी अवधारणा बताते हुए कहा कि यह शब्द इंदिरा गांधी ने आपातकाल के दौरान संविधान में जोड़ा था. उन्होंने जोर देकर कहा कि वे हिंदू हैं और जीवन भर हिंदू रहेंगे, न तो सेक्युलर हैं और न ही कभी सेक्युलर होने पर गर्व करेंगे.