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Ram Bahadur Rai की किताब का विमोचन कर बोले PM मोदी- अधिकार और कर्तव्यों का तालमेल संविधान को बनाता है खास

Bharatiya Samvidhan Ankahi Kahani: वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय की पुस्तक विमोचन के दौरान पीएम ने कहा कि अधिकार और कर्तव्यों का तालमेल ही हमारे संविधान को खास बनाता है. हमारे अधिकार हैं, तो कर्तव्य भी हैं.

दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में पुस्तक का विमोचन किया गया. दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में पुस्तक का विमोचन किया गया.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2022,
  • अपडेटेड 8:34 AM IST
  • दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया गया कार्यक्रम
  • कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय की किताब 'भारतीय संविधान: अनकही कहानी' का विमोचन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह पुस्तक हमें संविधान के कई पहलुओं से परिचित कराती है.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत का संविधान सिर्फ एक किताब नहीं है, बल्कि एक विचार और प्रतिबद्धता है. यह आजादी में देश के विश्वास का प्रतीक भी है.

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पीएम ने आगे कहा कि अधिकार और कर्तव्यों का तालमेल ही हमारे संविधान को खास बनाता है. हमारे अधिकार हैं, तो कर्तव्य भी हैं. कर्तव्य है तो अधिकार भी उतने ही मजबूत होंगे. इसलिए आजादी के अमृत-काल में आज देश कर्तव्य-बोध की बात कर रहा है. कर्तव्यों पर जोर दे रहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आजादी के अमृत महोत्सव अभियान को गति देगा और देश की अतीत की स्मृति को मजबूत बनाएगा. बता दें कि पुस्तक का विमोचन उस दिन (18 जून को) हुआ है, जब तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने संविधान में किए गए पहले संशोधन को अपनी मंजूरी दी थी.

कार्यक्रम में ये भी रहे मौजूद

कार्यक्रम शनिवार को दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया गया. प्रधानमंत्री मोदी इसमें वर्चुअली जुड़े थे. उनके अलावा कार्यक्रम में कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह मौजूद थे.

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भारत स्वतंत्र सोच वाला देश- पीएम

पीएम ने कहा, 'मुझे विश्वास है कि यह पुस्तक स्वतंत्रता के इतिहास और हमारे संविधान के अनकहे अध्यायों के साथ देश के युवाओं को एक नई सोच देगी.' पीएम मोदी ने कहा कि भारत स्वभाव से एक स्वतंत्र सोच वाला देश रहा है. जड़ स्वाभाव हमारे मूल का हिस्सा नहीं है. उन्होंने कहा, 'संविधान सभा के गठन से लेकर इसकी बहस तक, संविधान को अपनाने से लेकर इसके वर्तमान चरण तक, हमने लगातार एक गतिशील और प्रगतिशील संविधान देखा है. हमने तर्क दिया है, सवाल उठाए हैं, बहस की है और बदलाव किए हैं'

अमृत महोत्सव का भी किया जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि हमारा संविधान एक स्वतंत्र भारत का विजन लेकर लोगों के सामने आया, जो देश की कई पीढ़ियों के सपनों को पूरा कर सकता है. उन्होंने आगे कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान कई भुला दिए गए स्वतंत्रता सेनानियों और भारत की आजादी के संघर्ष से जुड़ी घटनाओं की कहानियां सामने आ रही हैं.

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